ब्रांडेड शराब के नाम पर सस्ती शराब पकड़ी

Aug 13 2020

ग्वालियर। चंद रुपयों के लिए हरियाणा की सस्ती शराब को ब्रांडेड बना कर शहर में मदिरा के शौकीनों को शराब बेची जा रही है। आबकारी विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई कर लाखों रुपए की शराब बरामद की है। मुनाफे के लालच में ये शराब तस्कर आम लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ कर रहे थे। जो शराब ये ब्रांडेड बोतलों में बेच रहे थे वो असल मे हरियाणा की सस्ती और लोकल शराब है। हरियाणा से लाई गई सस्ती शराब में ये तस्कर ओपी मिलाकर ब्रांडेड शराब बनाते हैं जो जानलेवा है और इनसे लोगों की जान पर भी बन सकती है। आबकारी विभाग लगातार इनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, इसके बाद भी शहर में नकली शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले आठ दिलों में आबकारी विभाग ने कंजरों के डेरों पर कार्रवाई कर काफी मात्रा में नकली शराब पकड़ी है। 
सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा ने बताया कि कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के जिगसोली में दबिश देकर नकली शराब फैक्ट्री पकड़ी है और यहां पर एक लाख रुपए की शराब के साथ ही नकली स्टीकर, बोतल, होलोग्राम तथा अन्य सामान बरामद की है। यहां पर सस्ती शराब से ब्रांडेड शराब तैयार की जा रही थी। इसमें मकान मालिक सहित शराब कारोबारी राधा पत्नी अशोक कुशवाह तथा वर्षा पत्नी राकेश कुशवाह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। 
अवैध शराब कारोबारी हरियाणा से सस्ती शराब लेकर आते हैं और उसमेें ओपी मिलाकर शराब बनाते हंै, इसके बाद इसमें ब्राण्डेड कंपनियों के लेवर मिलाकर ब्रांडेड शराब बनाते हैं। यह नकली शराब अधिकृत दुकानों पर मिलने वाली शराब से काफी सस्ती होती है और सस्ती शराब के लालच में लोग खरीदते हैं। 
हो सकता है गंभीर हादसा
ओपी में मिलाकर बनाई गई शराब जानलेवा है और इससे कई गंभीर बीमारी हो सकती है, क्योंकि शराब बनाने वाली कंपनी में हर सामान की मात्रा तय होती है, लेकिन अवैध शराब बनाने वाले सिर्फ अंदाज से स्प्रिट तथा अन्य सामग्री मिलाते हैं।