बारिश ने किया शहर को तर

Aug 12 2020

ग्वालियर। मानसून ने आखिर शहर में अपना रंग दिखा ही दिया। गंगा नगर, बरेली और गया में बने सायक्लोनिक सर्कुलेशन ने अपना असर दिखाया और शाम को हुई तेज झमाझम बरसात के बाद बुधवार सुबह से फिर जबरदस्त बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। वहीं नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान में बनी टर्फ लाइन के चलते आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना जताई गई है। इघर भले ही इस बरसात ने शहरवासियों को राहत देने का काम किया हो, लेकिन आफत भी बढ़ानी शुरु कर दी है, तेज पानी से शहर की सड़कों पर पानी भर गया, वहीं कई इलाके जलमग्न हो गए।
यहां निगम के आपदा प्रबंधन सेल की टीम न पहुंचने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सुबह साढ़े आठ बजे तक 47.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, वहीं सीजनेबल बरसात का आंकड़ा 332.1 मिलीमीटर पर पहुंच गया। यदि इसी तरह से दो से एक सप्ताह तक बरसात और होती है तो फिर औसत बरसात के आंकड़े को छू लेगी।
बारिश के साथ जब लोग सुबह जागे तो धूप की जगह उनका स्वागत मस्त बरसात और शीतल हवा ने किया। घर के भीतर जहां मौसम का बदलाव शीतलता प्रदान कर रहा था, वहीं कई दिन के बाद जब मौसम बना तो फिर लोग भी कहां मानने वाले थे वह भी मस्ती के मूड में आ गए भीगने की परवाह किए बगैर घरों से बाहर आकर रिमझिम का लु त उठाने लगे युवा तो दो पहिया वाहनों पर बैठकर बरसात का जमकर लुत्फ लेते दिखे। सावन न सही भादौं में ही बरसात की यह झड़ी लोगों को खूब भा रही है। 
मौसम का जादू ऐसा चला कि अवकाश न होने के बावजूद भी तिघरा, देवखो, भदावना, और किला सहित अन्य पिकनिक स्पॉटों पर भीड़ जमा हो गई। यही नहीं मौका देखकर ऑटो और टैंपो वालों ने भी जेबें भरना शुरु कर दिया।
नाका चंद्रवदनी में गिरा मकान, दो भैंस मरी
इधर नाका चंद्रवदनी में बरसात के पानी से एक मकान गिर गया, जिसमें दबकर दो भैंसों की मौत हो गई। गनीमत यह रही कि समय रहते इसमें रहने वाले घर से बाहर निकल आए, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी। यहां भी निगम का बचाव दल घटना के बाद नहीं पहुंचा और पड़ोसियों की सहायता से लोगों ने घर के मलबे में दबा सामान निकाला।