बदमाशों ने अब ऑनलाइनन ठगी का नया रास्ता निकाला

Aug 08 2020

ग्वालियर। ग्वालियर में अब सायबर ठगी के मामले बढते जा रहे है। लॉकडाउन के दौरान शातिर लोगों ने अब ऑनलाइनन ठगी का नया रास्ता निकाल लिया है। शातिर ठग सोशल मीडिया पर फेसबुक और वॉटसअप पर क्लोन बना  कर व आईडी हैक करके फ्रेंडलिस्ट में जाकर परिचितों से ऑनलाइन पैसों की मांग करते है । सामने वाला व्यक्ति समझता है कि शायद उसे पैसों की आवश्यकता है और वह ठगी का शिकार हो जाता है।
अभी कुछ रोज पहले पुरानी छावनी टीआई राजीव गुप्ता की किसी ने आई डी हैक करके उनके परिचितों से पैसों की मांग कर दी । जब उन्हे इस बात की जानकारी मिली तो उन्होने अपनी आईडी बंद करा दी । इसी तरह कांग्रेस नेता शीतल अग्रवाल की किसी ने आईडी हैक करके उनके परिचितों से पैसों की मांग कर डाली। वहीं गोविन्दपुरी में रहने वाले धर्मेन्द्र मिश्रा की किसी ने आईडी हैक करके उनका फोटो लगाकर पैसों की डिमांड कर डाली। जब उन्हे पता चला तो उन्होने शिकायत कर आई डी बंद कराई। वहीं फोर्टव्यू कालोनी में रहने वाले राजेन्द्र सिंह राजपूत की किसी ने आईडी हैक करके एक्सीडेन्ट का कारण बताकर उनके परिचितों से रूपयों की मांग कर डाली। जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो उन्होने इसकी शिकायत सायबर सेल में कर दी ।
ऐसे होते हैं क्लोन
आप यदि अपनी फ़ेसबुक आईडी या पर्सनल जानकारी लॉक नहीं रखते है तो कई अनजान आपकी प्रोफ़ाइल का क्लोन तैयार कर लेते है। आपके फ़ोटो और फ्रैंड लिस्ट के लोगों को छाँट लेते है। इसके बाद हूबहू प्रोफ़ाइल तैयार कर के आपके दोस्तों को जोड़ लेते है। इसके बाद उन्हें अक्सर रात में मैसैंजर पर परेशानी बताकर पैसे की डिमांड करते है। 
लॉकडाउन में शराबियों के साथ ठगी
लॉकडाउन के दौर में सबसे ज़्यादा ठगी शराबियों के साथ हुई है। दरअसल लॉकडाउन में बाज़ार बंद था ऐसे में शराब भी उपलब्ध नहीं थी। शराब की लत से बेचैन लोगों को ठगने के लिये शातिर दिमाग़ों ने फ़ेसबुक पर शराब की होम डिलेवरी के पोस्ट किये। अपना नंबर भी इस पर डाला। शराब के शौक़ीन नंबर पर कॉल करते तो आधा पैसा एडवांस माँगते थे। व्यक्ति पैसा डाल देता तो नंबर ब्लॉक कर देते थे। 
 ओएलएक्स भी ठगी का सबसे बड़ा प्लेटफ़ॉर्म 
इन सबके अलावा ओएलएक्स भी ठगी का नया प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है। दरअसल फजऱ्ी प्रोफ़ाइल बनाकर ठग कई महँगी वस्तुएँ सस्ते रेट पर बेचने का प्रलोभन देते है । इसके बाद बक़ायदा वीडियो कॉल पर बात करते है। बाद में एडवांस के लिये पैसे खाते में ट्रांसफऱ कराते है। बाद में नंबर बंद कर लेते है। इनमें पुरुष व महिला भी शामिल रहते है।