ग्वालियर के शहीद दिनेश कुशवाह का सपना साकार हुआ

Aug 05 2020

ग्वालियर। ग्वालियर के गांधीनगर निवासी दिनेश कुशवाह का सपना था कि अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर बने, वह मंदिर तो नहीं देख सके क्योंकि उन्होंने एक गलत खबर सुनने के बाद 30 अक्टूबर 1990 का अपने प्राण त्याग दिये थे और अब उनका बलिदान सफल होने जा रहा है। ग्वालियर की नईसड़क स्थित राष्ट्रोत्थान न्यास भवन में रहने वाले समर्पित कार्यकर्त्ता दिनेश कुशवाह भी अयोध्या से एकात्म हो गये थे। उन्होंने अपनी मनस्थिति को सीधे अयोध्या की कारसेवा से जोड़ लिया था। बहुत ही भावुक मन के 28 वर्ष के युवा दिनेश कुशवाह जब रेडियो के माध्यम से समाचार सुन रहे थे, तब बीबीसी की ओर से यह झूठा भ्रामक समाचार प्रसारित किया गया कि अयोध्या में कारसेवा नहीं हुई। चूंकि दिनेश कुशवाह अयोध्या से एकात्म हो गये थे इसलिये झूठी खबर को सुनकर दिनेश कुशवाह का हृदय इतना आहत हुआ कि अपना अपना जीवन व्यर्थ लगने लगा और दिनेश कुशवाह ने भावावेश में आकर अपने प्राणों उत्सर्ग कर दिया।
एक बहुत अच्छा रामभक्त और राष्ट्रभक्त इस दुनिया से बिदा हो गये। दिनेश कुशवाह उस समय ग्वालियर के महानगर के प्रतापनगर मैं पूर्णकालिक के रूप में कार्य कर रहे थे, दिनेश कुशवाह का बलिदान अब सफल हुआ है क्योंकि 5 अगस्त को मंदिर के लिये भूमिपूजन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया और इसके कुछ ही वर्षो के बाद भव्य राममंदिर दिखाई देगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत के सहसंपर्क प्रमुख सुरेन्द्र मिश्रा बुधवार को शहीद दिनेश कुशवाह के निवास स्थान पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।