वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधकर दिया पर्यावरण को संरक्षण का संदेष: एनएसएस

Aug 04 2020

ग्वालियर। रक्षाबंधन का पर्व सुख समृद्धि के साथ रक्षा के वचन के साथ पूर्ण होता है। रक्षा किसी की भी करनी हो यह हमारे ऊपर निर्भर करता है क्योंकि पर्यावरण को संतुलित रखने के लिये वृक्ष लगाना आवश्यक है। सावन में वृक्ष तो अधिकांष लोग लगाते हैं परन्तु उसकी देखभाल की जि मेदारी निभाने में हम काफी पीछे है। इस अहसास को समझते हुये राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई माधव महाविद्यालय द्वारा डॉ. संजय कुमार पाण्डेय वरिश्ठ कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना माधव महाविद्यालय के नेतृत्व में वृक्षों के संरक्षण के लिये पौधों को राखी बांधकर पर्यावरण को सुरक्षित रखने की जवाबदारी छात्र/छात्राओं ने ली।
कोविड-19 कोरोना महामारी से जूझ रहा विश्व आम लोगों की सुरक्षा के लिये कई प्रकार के प्रयास कर रहा है। भारत सरकार द्वारा जनहित में सुरक्षा के लिये पर्यावरण संरक्षण में छात्रों ने रक्षाबंधन के रक्षा सूत्र को वृक्षों से बांधकर उनको संरक्षित करने का संकल्प लिया। यह पुनीत कार्य संरक्षण करते रहेंगे। वृक्ष हमारे जीवन का प्राण वायु है क्योंकि वृक्ष के बिना हम अपने जीवन का कल्पना नहीं कर सकते।
डॉ. पाण्डेय ने बताया कि कोरोना संकटकाल में ऑक्सीजन की जो कमी हो रही है यदि हम अपने वृक्षों व पर्यावरण को संरक्षित रखेंगे जो हमें ऑक्सीजन की कमी को पूर्ण कर सकते हैं। कोविड-19 के समय कृत्रिम ऑक्सीजन की भी कमी हो रही है जिसे हमें इस संकटकाल के समय मूल्य देकर भी नहीं ले पा रहे हैं। यदि पर्यावरण संरक्षित रहेगा तो यह हमें ऑक्सीजन प्राकृतिक निशुल्क प्राप्त होगी। इस कार्यक्रम में स्वयं सेवक तरूण रोहिरा, अंकुर चौरसिया, हेमन्त मांझी, अनुरूद्ध शर्मा, विनय प्रताप, कु. प्रियंका किरार, अनुभव दीक्षित आदि उपस्थित थे।