कोरोना से ज्यादा लॉकडाउन हावी

Jul 26 2020

ग्वालियर। कोरोना संक्रमण से पहले अधिकांश लोग लॉकडाउन शब्द से परिचित नहीं थे और न ही उन्होंने इस शब्द को सुना था। इसी तरह क्वारेंटाइन, आइसोलेशन से भी लोग अंजान थे, लेकिन कोरोना ने उन्हे अन्य शब्द भुला दिए और केवल यही दो चार बातें हैं, जो दिन भर सुनाई देती हैं। फिर घर, द तर, अस्पताल, बाजार, यहां तक कि चाय ते ठेलों, दुकानों पर बस यही चर्चा है। यही नहीं अब लोगों को कोरोना का खौफ नहीं रहा, बल्कि इसके कारण हर कुछ दिन बाद शहर में लगने बाला लॉकडाउन ज्यादा डराने लगा है। चिंता वहीं है, यदि ऐसा हुआ तो फिर काम धंधे बंद होंगे और फिर रोजी-रोटी का संकट गहराएगा। इन हालात में जब तक लॉकडाउन खत्म होता भी है, तब तक आगे के लॉकडाउन की तारीख पता लगाने की जिज्ञासा लोगों में शुरु हो जाती है। 
डर के साथ कर रहे कारोबार
लोग अब डर के साथ कारोबार कर रहे हैं, विशेषकर कच्चा माल बेचने वाले ज्यादा संकट में हैं, वह यदि ज्यादा माल खरीदते हैं तो फिर खराब होने का भय रहता है, कहीं दूसरे ही रोज क र्यू या लॉकडाउन के हालात न बन जाएं और लाभ तो दूर लागत भी डूब जाए। वहीं सबसे बड़ा संकट उन्हें झेलना पड़ रहा है जो दुकान आदि पर काम कर पहले ही बमुश्किल घर चला पा रहे थे, लेकिन अब लॉकडाउन के साथ ही उनकी आमदनी भी लॉक हो जाती है।