शिवालयों में भोला तेरी बम के जयकारे गूंजे

Jul 20 2020

ग्वालियर। ऊं नम: शिवाय का जाप करते हुए भगवान शिव की आराधना कर दूध, गंगाजल, दही और शहद से अभिषेक किया। शिव भक्त दर्शन करने के लिए सुबह से ही शिवालयों पर पहुंचे और शिवजी के मंत्रों का जाप करते हुए बिल्व पत्र चढ़ाया।  सावन के तीसरे सोमवार को  बारिश होने के बाद मौसम सुहावना होने से भक्तों को गर्मी और उमस से राहत मिली। सोमवार को बूंदाबांदी के बीच भक्त जयकारे लगा रहे थे। सावन के तीसरे सोमवार को हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या के साथ-साथ कई विशेष संयोग बने हैं। सावन के माह में शिवालयों में सबसे ज्यादा भक्तों की भीड़ रहती है। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें नजर नहीं आईं। शिवालयों में बम-बम भोले की गूंज और ऊं नम: शिवाय के जाप के साथ भोले से परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ लगी रही  और यहां तैनात पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भक्तों से आग्रह कर रहे थे कि वह घर पर रहकर ही शिव की पूजा करें। मंदिरों के आसपास भीड़ न लगाएं, लेकिन इसका असर भक्तों पर नहीं हुआ।
सोमवार को शिवालयों पर भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई और दर्शनार्थियों को दर्शन के लिए परेशान भी होना पड़ा। शिवालयों के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा था। और पुलिस वाहनों को मंदिर के पास नहीं जाने दे रही थी। अचलेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले भक्तों को बीएसएनएल चौराहा व सनातन धर्म मंदिर के पास वाहनों को रोक रही थी। वहीं कोटेश्वर मंदिर पर जाने वाले वाहनों को बिजली घर के पास रोका जा रहा था, इसके साथ ही गुप्तेश्वर महादेव जाने वाले भक्त मंदिर के पास बने मैदान में वाहन पार्क कर रहे थे।
सावन के इस माह में भगवान भोले की भक्ति करते हुए शिवालयों में भगवान शिव का दूध, गंगाजल, पंचामृत से अभिषेक जलपात्रों के माध्यम से किया गया। जिसके कारण दूध की डिमांड भक्तों में बढ़ी गई। सावन के सोमवार को सबसे ज्यादा दूध की डिमांड रही।  सावन का तीसरा सोमवार है पर शिवालयों में पहुंचकर शिव भक्त भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए दूध की खरीदारी कर रहे थे।  
मंदिर प्रबंधन व पुलिस के जवान दे रहे थे सावधान रहने की चेतावनी
लॉकडाउन के चलते मंदिरों के पट बंद थे और भक्तों के लिए मंदिर प्रबंधन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। अचलेश्वर महादेव द्वारा 5 जलपात्र लगाए गए थे जिससे भक्त सीधे जल चढ़ा सकें। गुप्तेश्वर व कोटेश्वर मंदिर पर भी यही व्यवस्था की गई। मंदिर प्रबंधन व पुलिस जवानों द्वारा भक्तों से आग्रह किया जा रहा था कि शारीरिक दूरी बनाकर दर्शन करें और भीड़ न लगाएं। पुलिसकर्मी भी मंदिर के आसपास तैनात रहकर भक्तों से आग्रह कर रहे थे कि वह भीड़ न लगाएं। मंदिर के आसपास फूल-प्रसाद बेचने वालों को हटा दिया है।