बारिश ने होने से किसानों की चिंता बढ़ी

Jul 19 2020

ग्वालियर। ग्वालियर जिले में बरसात न होने के कारण जहां लोग गर्मी व उमस से परेशान है वहीं किसान की रात की नींद व दिन का चैन उड़ गया है। उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मरीजों की संया भी बढ़ती जा रही है। घर-घर लोग खांसी, जुकाम, बुखार, एलर्जी आदि रोगों की गिरत में हैं।
उधर, खेत सूखे पड़े हैं। फसल की बुवाई लायक पानी खेतों में न होने से किसान मायूस हैं। कुछ दिनों के भीतर अगर झमाझम बारिश नहीं हुई तो अन्नदाताओं के सामने संकट का आना तय दिखता है। बारिश न होने से धान रोपाई काफी पिछड़ चुकी है। वहीं दलहन की फसल पर भी संकट के बादल घिरे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार धान की रोपाई को इससे सर्वाधिक नुकसान हो रहा है। डबरा और भितरवार में सबसे अधिक धान की रोपाई होती है लेकिन, कृषि अधिकारियों के मुताबिक अभी 25 फीसदी ही रोपाई हुई है हालांकिमूंगफली, उरद समेत अन्य दलहनी फसलों की काफी हद तक बुवाई पूरीहो चुकी। अब इनको भी पानी कीआवश्यकता पड़ रही है। 
आज से ठीक सात दिन पहले रविवार को मानसून के सिस्टम की सक्रियता दिखाई दी थी। इसके बाद शाम को हवा तो चल रही है लेकिन बारिश नहीं हो रही है। इसके कारण उमस और गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं। उमीद है कि जल्द ही मानसून शहर पर मेहरबान होगा। 
उधर नई दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मुंबई, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में मानसून के दौरान जमकर बारिश हो रही है और हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं नदी-नाले उफान पर हैं, बाढ़ से भी लोग परेशान हैं लेकिन ग्वालियर अंचल पानी के लिए अभी भी तरस रहा है। हालांकि मौसम विभाग प्रतिदिन यह भविष्यवाणी करता रहता है कि बादल बन रहे है और ग्वालियर में भी तेज बारिश के संकेत है लेकिन बादल जिस ढंग से आते हैं उसी ढंग से दबे पांव वापस लौटजाते हैं। जिस कारण ग्वालियर अंचल पानी को तरस रहा है और नदी, तालाब और बांध आदि बारिश के पानी के लिए ललायित हैं।