नमी घटी, वातावरण में गर्माहट बढ़ी

Jul 18 2020

ग्वालियर। फिलहाल लगता नहीं कि मानसून शहर पर मेहरबान होने वाला है, कयासों और संभावनाओं को दरकिनार कर सीधे वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो यह साफ हो जाएगा। सुबह से खुली धूप तेज है और सिस्ट्म लापता है। इसके साथ ही नमी में एक साथ बड़ी कमी दर्ज हो जाने से वातावरण में गर्माहट और बढ़ गई है। गुरुवार व शुक्रवार को जहां आद्र्रता 81 प्रतिशत रही थी, वहीं शनिवार को यह 68 प्रतिशत रह गई। यह सामान्य से 11 प्रतिशत कम रही। इस अनमने मौसम को लेकर अब डॉक्टर भी बचाव और सावधानी की सलाह दे रहे हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि अब फिलहाल अंचल में बूंदाबांदी भले ही हो जाए, लेकिन अच्छी बरसात की उ मीद न पालें क्योंकि कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है, दो दिन बाद जरूर एक सिस्टम अरब सागर से उत्तर प्रदेश होता हुआ ग्वालियर पहुंचेगा तब कुछ उ मीद की जा सकती है।
तेज धूप ने सभी को परेशान करके रख दिया है। भले ही पारे में ज्यादा बढ़त नहीं बन पा रही, लेकिन जिस तरह का मौसम अब बना है, वह बेहद दिक्कत देने वाला है, एक तो आसमान से तेज धूप की चटक पारी पड़ रही है, इससे जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग अब इस अनमने मौसम से ऊब चुके हैं और केवल पानी की दरकार है, जो न तो अब तक ठीक से मिला है और न ही फिलहाल मिलने वाला है। दो दिन तक और सूखे के हालात झेलने पड़ सकते हैं। जिस मौसम में लोग सुबह जागते थे तो उनका स्वागत रिमझिम फुहार किया करती थी, वहीं अब जब धूप दिखाई देती है तो मन निराश हो जाता है। तब जरूरी काम के लिए लोग भले ही घर से बाहर तो आए, लेकिन जल्द ही वापस भी लौट गए।
डॉक्टर की राय
इस अनमने मौसम को लेकर डॉ.केएल अग्रवाल का कहना है कि चूंकि बरसात नहीं हो रही और गर्मी के साथ उंमस बढ़ रही है, तब जरूरी यह है कि पहले तो ऐसे हालात में घर से बाहर न निकलें और जरूरी हो तो फिर पानी जरूर साथ में रखें, ग्लूकोस और ओआरएस के घोल का सेवन करते रहें। नीबू पानी की शिकंजी भी राहत दे सकती है। वहीं सिर और शरीर को ढांक कर रखें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है। वहीं श्वास व हृदय रोगी को तो विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि इस तरह के हालात में वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है।