बादल बरसने को तैयार, हवा का दवाब बन रहा बाधा

Jul 17 2020

ग्वालियर। सब कुछ पक्ष में होने के वाबजूद भी मानसून मेहरबान नहीं हो पा रहा। गुरुवार शाम को बादलों से अच्छी आस थी, लेकिन यह मात्र 1.3 मिली मीटर ही बरसात दे सके। शुक्रवार को फिर सुबह से धूप-छांव का खेल चल रहा है, बादल बरसने को आतुर है, लेकिन लॉ प्रेशर एरिया होने के कारण हवा का दवाब नहीं बन पा रहा, ऐसे में बरसात अंजाम नहीं ले पा रही। भरे मानसून में थोड़ा- बहुत पानी गिर कर और निराशा बढ़ा रहा है। यह जरूर है कि आद्र्रता में बढ़ोतरी के चलते सुबह से तो वातावरण में नमी बढऩे से ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं था, लेकिन दिन चढ़ते ही फिर बेचैनी बढ़ गई। यही हालात हर रोज बन रहे हैं। उधर मौसम के जानकारों की मानें तो शहर मेंं सिस्टम सक्रिय है, ऊपर टर्फ लाइन गुजर रही है, लेकिन लॉप्रेशर एरिया होने के कारण यह सक्रिय नहीं हो पा रहा।
तेज धूप ने सभी को परेशान करके रख दिया है। भले ही पारे में ज्यादा बढ़त नहीं बन पा रही, लेकिन जिस तरह का मौसम अब बना है, वह बेहद दिक्कत देने वाला है, एक तो आसमान से तेज धूप की चटक पारी पड़ रही है, वहीं उमस भी पीछा छोडऩे को तैयार नहीं है। इससे जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
दो सिस्टम एक साथ तैयार
मौसम विभाग का कहना है कि यह वक्त शहर के लिए मानसून का पीक टाइम माना जाता है, जिसकी तैयारी भी पूरी है। बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम शहर से सटा है, वहीं इलाहावाद से ग्वालियर पर बनरही द्रोणिका केसाथ अरब सागर से भी सिस्टम सक्रिय है, जो शीघ्र ही बरसात को अंजाम दे सकता है। यदि सब कुछ ठीक रहता है तो फिर बरसात का आंकड़ा बेहद तेजी से बढ़ेगा।