वाकई में सीएम साहब यह तो पुलिस की ज्यादती है, दलित किसान पर पुलिस का ऐसा अत्याचार, सीएम ने गुना कलेक्टर और एसपी को हटाया

Jul 16 2020

गुना. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुना में एक किसान की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वीडियो शेयर करते हुएलिखा है कि शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? यह कैसा जंगल राज हैं। पिटाई का मामला मंगलवार का है। लेकिन, वीडियो वायरल होने के बाद अब इस पर हलच लमच गयी है। गुना के कैंट इलाके में पुलिस टीम एक दलित किसान दम्पति के कब्जे से जमीन छुड़ाने के लिये गयी थी। इस बीच पुलिस वालों ने पति पत्नी और उसके बच्चों तक पर जमकर लाठियां बरसाई।

मासूम बच्चों की पिटाई कहां का न्याय है-कमलनाथ
कमलनाथ ने ट्वीट किया है कि पीडित युवक का जमीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे कानूनन हल किया जा सकता है। इस तरह कानून हाथ में लेकर उसकी, उसकी पत्नी की, परिजनों की और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है? क्या यह सब इसलिये कि वह एक दलित परिवार से हैं, गरीब किसान हैं?
गिड़गिड़ाये और हाथ जोड़े परिवार और पुलिस ने बरसाई लाठिंया
जमीन पर कई वर्ष से पूर्व पार्षद गप्पू पारदी और उसके परिवार का कब्जा है। पारदी परिवार ने जमीन राजकुमार अहिरवार को बटिया पर दे दी है। किसान राजकुमार का कहना था कि उसने 2 लाख रूपये कर्ज लेकर बोवनी की है। इससे पहले का भी उस पर 2 लाख रूपये का कर्ज चढ़ा हुआ है उसने पुलिस और प्रशासनिक अमले से अपील की कि यह कब्जा बाद में हटवा लें।
लेकिन टीम ने कब्जा हटवाना शुरू कर दिया। राजकुमार और उसकी पत्नी ने जहर पी लिया और जमीन पर गिर पड़ेे। मासूम बच्चे पास में बैठकर रोते रहे। कुछ देर बाद दोनों को उठाकर जिला अस्पताल भेजा गया। राजकुमार के छोठे भाई ने कब्जा हटाने का विरोध किया तो उस पर भी लाठियां भांजी गयी। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

पुलिस की ज्यादती के विरोध में सीएम ने गुना कलेक्टर और एसपी को हटाया
दलित किसान पर पुलिस द्वारा की गयी बेरहमी से पिटाई क मामले को दबाने का प्रयास किया गया लेकिन, बाद सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम शिवराज सिंह दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिये कहां गया तो सीएम शिवराज सिंह ने गुना कलेक्टर एस विश्वनाथन और एसपी तरूण नायक को हटा दिया गया है।