मानसून का सिस्टम हुआ सक्रिय, झमाझम बरसा पानी

Jul 15 2020

ग्वालियर। सूखे की मार के बाद बुधवार को आसमान पर बादल लदे तो फिर इन्होंने निराश नहीं किया, बल्कि झमाझम बरसात के साथ बादल मेहरबान हुए तो फिर जमकर बरसे। मौसम का यह बदलाव शहर वासियों के तन और मन को खूब प्रफुल्लित करता रहा। यही नहीं आने वाले 48 घंटे तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने वाला है यानी सूरज की तपन और लटकी झुलसन से टोटल राहत। मौसम ने करवट बदली तो फिर लोग भी कहां मानने वाले थे वह भी मस्ती के मूड में आ गए हैं और भीगने की परवाह किए बगैर घरों से बाहर आकर रिमझिम का जमकर लुत्फ लेते दिखे।
बरसात के बावजूद अब भी शहर आंकड़ों में फिसड्डी ही साबित हो रहा है। गत वर्ष के 15 जुलाई 2019 तक बारिश का आंकड़ा 279.7 मिली मीटर था, इस साल अब तक. यह.129.5 मिलीमीटर तक ही पहुंचा है,जबकि औसत आंकड़ा से 181.0 .मिलीमीटर है। वहीं गत साल के आंकड़े से 150 मिलीमीटर पीछे हैं।
जैसे ही मौसम बदला और गर्मी की जगह मस्त बारिश हुई तो फिर लोगों की रसोई का मीनू भी बदल गया सुबह से रसोई में सब्जी और दाल की जगह पकौड़ी मंगोड़े की खुशबू महकने लगी, अमूमन इस मौसम में नाश्ता और चाय की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ जाती थी और लोग मौसम के अनुसार कचोैरी, समोसे, पकौड़ी और मंगोड़ों का स्वाद लेने पहुंच जाते थे, वहीं चाय की चुस्की लेने वालों को सं या में भी इजाफा हो जाता था और गुमंटियों व ठेलों पर भीड़ जुट जाती थी, लेकिन आज शहर में क र्यू लगे होने के कारण इन्हे निराश होना पड़ा। उधर लोग द तर पहुंचे तो उन्हे भी बीते साल की याद ताजा हो गई, जब वह काम छोड़कर द तर परिसर में लगने वाली दुकानों पर जाकर व्यंजनों का स्वाद लेते हुए बतियाते रहते थे, कई तो घर से ही पकवान बनवाकर ले गए और अपने सहकर्मियों के साथ इनका स्वाद लेते रहे।
रात तक मौसम गर्म था, बादल तो थे, लेकिन बरसात की संभावना कम ही थी, लेकिन सुबह जब सोकर उठे तो धूप की जगह घने बादल थे, जिन्होंने कुछ ही देर बाद लामबंदी कर मस्त बरसात और शीतल हवा को अंजाम दे दिया। घर के भीतर तक मौसम का बदलाव शीतलता प्रदान कर रहा था, वही कल तक गुर्रा रहा पारा औंधे मुंह पड़ा दिखाई दिया।
सुबह की बरसात के साथ ही पानी की निकासी न होने के कारण शहर के अनेक निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। वहीं कई मु य चौराहे भी पानी से लबालब हो गए। शहर के जागृति नगर, तारागंज, आपागंज, ढोलीबुआ का पुल आदि क्षेत्रों में तो पानी भरा ही साथ ही समाधिया कालोनी में पानी भर जाने के कारण लोगों का घर से बाहर निकल मुश्किल हो गया।
ऐसे बदला मौसम
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने लो प्रेशर एरिया के साथ ही वायु तूफान और हिमालय की तराई में फंसा सिस्टम बाहर आ गया । मौसम विभाग इसे ही बदलाव का कारण बता रहा है जो आने वाले 48 घंटे तक जारी रह सकता है, लेकिन उसके बाद फिर हालात बदलते और सूरज की तेज किरणों के साथ उमस परेशान करेगी वातावरण में घुली नमी के कारण गर्म हवा वार नहीं करेगी।