भोले बाबा की हो रही जय-जयकार, सुबह से मंदिरों में हुआ अभिषेक

Jul 13 2020

ग्वालियर। भगवान शिव शंकर का प्रिय महीना सावन का दूसरा सोमवार बड़े ही हर्ष के साथ भतों द्वारा मनाया जा गया। सोमवार सुबह चार बजे से बम - बम भोले और हर हर महादेव के जयकारों के साथ शिवालयों में पूजा अर्चना और अनुष्ठान शुरू हुए। अचलेश्वर मंदिर, कोटेश्वर मंदिर, हजारेश्वर मंदिर समेत शहर भर के हजारों शिव मंदिरा में भक्त पूजा-अर्चना करते देखे गए। मंदिर प्रशासन ने सामाजिक दूरी और संक्रमण के बचाव की समझाइस लोगों को दी। 
कई मंदिर के कार्यकर्ता और प्रबंधन ने बाकायदा मंदिर के बाहर बैनर और पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया कि लोग संक्रमण के इस दौर में अपना याल रखें और घर से मास्क पहनकर ही निकलें। सुबह अचलेश्वर मंदिर के बाहर एक युवाओं का समूह मास्क वितरित करते देखा गया। 
घरों में पार्थिव शिवलिंग का किया निर्माण
कोरोना संक्रमण के भय से लोगों ने अपने घर में ही पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया और पूरे मनोयोग से रुद्री पाठ, महामृत्युंजय पाठ सहित अन्य अनुष्ठान किए। सनातन धर्म में सावन का बड़ा महत्व है। भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त हो, इसके लिए शिवालयों में भी भगवान शिव का गंगाजल, चंदन, भांग, दूध, शहद, घी, जल आदि से अभिषेक किया गया और बेलपत्र व धतूरा ाी अर्पण किया गया। 
पुलिस सुबह से ही रही मुस्तैद
सावन के दूसरे सोमवार को पुलिस सतर्क थी और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित शिवालयों पर निगरानी कर रहे थे। पुलिस ने तड़के 4 बजे से ही शहर के सभी शिवालयों के रास्ते बेरिकेड्स लगाकर खड़ी है। मंदिर के आसपास भीड़भाड़ न हो इसके लिए पुलिसकर्मी तैनात हैं और लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि वह दर्शन कर अपने घर जाएं। पुलिस ने मंदिर के आसपास बैठने वाले भिक्षुकों को भी भगा दिया।
आगे करो प्रसादी वितरित
सावन के दूसरे सोमवार पर कई लोग भगवान शिव की आराधना करते हुए शिवालयों पर पहुंचकर मनोकामना मांगते हुए प्रसादी का वितरण कर रहे हैं। सुबह अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर, चकलेश्वर महादेव मंदिर पर भक्त जब प्रसादी वितरित करने गए तो यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने इन्हें मंदिर के आसपास से हटाते हुए कहा कि भीड़भाड़ होने से संक्रमण फैलने का भय रहेगा इसलिए प्रसाद दूर जाकर ही वितरित करें। 
बढ़ी दूध, विल्व पत्र और फूलों की मांग
भगवान शिव की मूर्ति से भले ही जिला प्रशासन के आदेश पर दूरी बनाई गई है और फूल-माला व प्रसाद पर पाबंदी लगाई गई है लेकिन भक्तों की आस्था के सामने प्रशासन का यह आदेश नहीं चल रहा है।
भक्त मंदिर के आसपास बिल्व पत्र, धतूरा, अकुआ का फूल बेचने वालों की दुकानें से खरीदकर मंदिर के बाहर गेट पर ही अर्पित करते हुए मनोकामनाएं मांग रहे हैं तो कई नंदी बाबा पर यह अर्पित कर अपनी मनोकामना मांग रहे हंै। सुबह से ही दूध की दुकानों पर ही खरीदारी करने भक्त पहुंच रहे हैं। मंदिर के आसपास दूध की थैली बेचने वालों की दुकानें सजी थीं।