बाथरूम में युवक ने कट्टे से गोली मारकर की आत्महत्या

Jul 11 2020

ग्वालियर। बहोड़ापुर के शिवनगर में एक युवक ने लगभग सुबह 7:15 बजे स्वयं को 315 बोर के कट्टे से गोली मारकर सुसाइड कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं फोरेंसिक एक्सपर्ट ने क्राइम स्पॉट का निरीक्षण किया है। मृतक रंगाई-पुताई का काम करता था और यहां अपने भाइयों के साथ किराए से रहता था। मृतक अविवाहित था। उसके भाई ने स्वीकार किया कि उसे कई दिनों से मानसिक तनाव था इसके चले ही शायद उसने आत्मघाटी कदम उठाया। फिलहाल पुलिस परिवारजन और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। मृतक के भाई मनीष शाक्य ने बताया कि मेरा भाई सतीश पुत्र गोपाल जाटव उम्र 27 साल रात को गर्मी होने के कारण छत पर सो रहा था। आज सुबह सात बजे के लगभग वह बाथरूम में नित्यक्रम के लिए गया था। हमें वहां से एकदम गोली चलने की आवाज आई तो हम ऊपर गए तो सतीश के सिर से खून निकल रहा था और वहीं कट्टा पड़ा हुआ था। हमने इसकी सूचना मकान मालिक और पुलिस को दी।                      
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सतीश बाथरूम में कपड़े पहनकर गया और कमर में छिपाकर लाए 315 बोर के कट्टे से खड़े होकर सिर के दाहिने तरफ कनपटी से सटाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने के बाद सीन ऐसा रहा होगा कि जैसे ही गोली चली तो खून का फबारा बाहर आया और नल के नीचे रखी बाल्टी समेत दीवार पर आ गया।
बहोड़ापुर थाना पुलिस की टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट ने जांच की तो मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने गोली चलाने का एंगल के फोटो लिए और कट्टे को अपने कब्जे में लिया। पुलिस का कहना है कि हम पूछताछ कर रहे हैं कि उसके पास अवैध हथियार कहां से आया।
जानकारी में सामने आया है कि तीनों भाई शिवनगर में आनंद गौर के मकान में किराए से निवासरत थे। उनका मूल निवास रेलवे कॉलोनी में था। इस क्षेत्र में वे अपना निजी मकान बनवा रहे थे। तीनों ही भाई का विवाह नहीं हुआ था। मकान बन जाने के बाद बड़े भाई लल्ला के विवाह की बात चल रही थी।                 
गोली की आवाज सुनी तो मोहल्लेवासी हुए जमा      
बताया जाता है कि सुबह के समय जैसे ही आनंद गौर के मकान से गोली चलने की आवाज आई तो आसपास के लोग यहां इकठ्ठा होना शुरू हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को हटाया और निरीक्षण करना शुरू किया। पास ही में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि तीनों भाई अपने काम से काम रखते थे कभी किसी से कोई विवाद नहीं था। मृतक भी पुताई का काम करता था।