अभी नहीं टला ग्वालियर से टिड्डी दल का खतरा

Jul 10 2020

ग्वालियर। जिले में गत दिवस टिड्डी दल काफी देर तक रहा। इससे लोगों और किसानों में भय देखा गया। लेकिन अब भी शहर से टिड्डी दल का खतरा टला नहीं है। ग्वालियर-भिण्ड की सीमा पर खेतों में एक छोटा दल मंडराते देखा गया। इनके वापस आने का खतरा लोगों में देखा जा रहा है। शुक्रवार को भितरवार और घाटीगांव से आया टिड्डी दल कई घंटों तक शहर में रहा था और भिण्ड की सीमा पार करते देखा गया था। गौरतलब है कि टिड्डियां आफत बनकर पिछले तीन माह से ग्वालियर और इससे सटे जिलों में मंडरा रही हैं। ग्रामीण हूटर, हॉर्न, थाली, घंटे बजाकर टिड्डियों को उड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हवा नहीं चलने के कारण क्षेत्र में खतरा बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि ग्वालियर के किसान टिड्डी दल के खतरे को मानकर फसलों की सुरक्षा का उपाय स्वयं ही कर रहे हैं। 
ग्वालियर जिले की सीमा पर सुबह मंडराते हुए देखे गए टिड्डी शुक्रवार को हुए टिड्डी दल के हमले ने कृषि विभाग को हिला रखा है। यह पूरी तरह से संबंधित विभाग का फेलियर है कि टिड्डी दल की आने की पूर्व सूचना पर किसानों को न दे सका। लेकिन अब दल के जाने के बाद विभाग सतर्क हो जा रहा है। आज सुबह आए दल ने भिण्ड बार्डर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने खेतों में दौड़ लगा दी। आसमान में आफत को देख हर कोई भयभीत था तो कोई उन्हें मोबाइल में कैद भी कर रहा था। 
भिण्ड क्षेत्र के किसानों ने हूटर, हार्न, घंटे, थाली बजाकर नीचे की ओर आ रही टिड्डियों को टिकने नहीं दिया। कुछ देर में ये दल धौलपुर की ओर रवाना हो गया, लेकिन इसमें से एकछोटा दल ग्वालियर-भिण्ड क्षेत्र में छूट गया। कृषि विभाग के अनुसार टिड्डी का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। किसानों को जागरुक किया गया है, जबकि विभागीय टीम पूरी सतर्कता से निगरानी कर रही है।