स्मार्ट सिटी के साथ मिलकर शहर के प्रतिभावन युवा उद्यमी अब करेगें अपना उद्योग प्रारंभ

Jul 08 2020

ग्वालियर। कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के प्रति समर्पण का आह्वान किया है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में किसी भी राष्ट्र का आत्मनिर्भर बनना बहुत ही अहम हो जाता है। ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा इंक्युबेशन सेंटर "ड्रीम हैचर " के माध्यम से शहर के स्टार्टअप्स को परीक्षण, सलाह तथा एक पटल प्रदान किया जा रहा है जहां से वे अपने आइडिया को प्रोडक्ट में ढाल दुनिया के समक्ष ला सकते हैं। इनमें से कुछ स्टार्टअप्स ने ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह व अन्य अधिकारियों के समक्ष प्रेसेंटेशन व प्रोडक्ट डेमो के माध्यम से जानकारी दी। इन स्टार्टअप में से कुछ स्टार्टअप के प्रॉडक्ट्स को फ़ेज़ 1 से आगे बढ़ाने के लिये चयनित किया गया है।
ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ये सभी स्टार्ट अप्स न सिफऱ् वर्तमान की ज़रूरतों अपितु भविष्य की चुनौतियों को भी विचाराधीन रखते हुए आगे बड रहे हैं। स्मार्ट सिटी का उद्देश्य इन युवाओं को मार्गदर्शन देते हुए ऐसे इनोवेटिव उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। विश्व आज अनेक प्रकार की चुनौतियों के सामना कर रहा है तथा स्वास्थ्य, पर्यावरण, सुरक्षा तथा ऊर्जा के क्षेत्र में निरन्तर तकनीकी विकास की आवश्यकता है। हमारा प्रयास है कि ग्वालियर को विश्व के स्टार्ट अप मानचित्र में एक व्यापक पहचान मिले तथा यहाँ से विकसित आइडिया व उत्पाद विश्व में अपना नाम बना सकें। ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा इन सभी स्टार्ट अप्स को फ़ंडिंग, मोनिटरिंग, गाइडेंस तथा राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पार्टनर दिलवाना है जिससे आइडिया को उत्पाद या सेवा में तब्दील कर बाज़ार में उतारा जा सके ।
इन प्रतिभावान उद्यमियों के आईडियाज का हुआ चयन
"तुलिका " - सुनील गोयल द्वारा संचालित यह फ़र्म न्यूज़पेपर से पेंसिल बनाती है। इस प्रयास में पेपर को रोल कर 100 किलो पेपर में 300 लीटर पानी की बचत होती है। एक अख़बार यदि 30 पेज का है तो उस से लगभग 90 पेंसिल बनाई जा सकती हैं। तुलिका पेंसिल की ख़ास बात यह है कि हल्की होने के कारण उपयोगकर्ता को थकावट नहीं होती। इसमें प्रयुक्त किये हाइब्रिड लेड से स्केचिंग व लिखावट दोनों हीआसानी से किये जा सकते हैं। ये स्टार्टअप अब तक 30,000 से अधिक पेंसिल विभिन्न संस्थाओं को सप्लाई कर चुका है।
 वी एन ओरगेनिक्स - आईटीएम यूनिवर्सिटी की छात्रा निशा निरंजन तथा विकास पटैया द्वारा शुरू किये गए स्टार्टअप वी एन ओरगेनिक्स द्वारा जैविक प्रक्रिया से मशरूम उगाये जा रहे हैं। ये मशरूम बाज़ार में मिलने वाले अन्य मशरूम से अलग हैं। ये इ यूनिटी को बढ़ावा देने के साथ बेहद पौष्टिक है । थोड़ी सी मात्रा में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये मशरूम सक्षम हैं। इन्हें हाई टेक प्रयोगशाला में जैविक विधि से उत्पादित किया जाता है।
 " य़ूजऩ" -  फलित गोयल द्वारा शुरू किए गए स्टार्ट अप " य़ूजऩ " ने पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक वहाँ में परिवर्तित करने का प्रोटोटाइप तैयार किया है। लगभग 20000 रु की लागत से किसी भी पुराने स्कूटर या मोटरसाइकल को उसके मूल रूप (ढाँचे) में रखते हुए इलेक्ट्रिक वहाँ में परिवर्तित कर दिया जाता है। इस लागत में पेंट, जंग हटाना, बॉडी डिज़ाइन, बैटरी सहित नई इलेक्ट्रिक मोटर स िमलित रहते हैं। प्रोटोटाइप टेस्टिंग विगत एक वर्ष करने के बाद यह स्टार्टअप अब ऑर्डर बुकिंग के लिए तैयार है।