फिसड्डी ही है मानसून

Jul 08 2020

ग्वालियर। बीते साल 2019 और इस साल के अब तक की सीजनेवल बरसात की तुलना करें तो शहर फिसड्डी साबित हुआ है। गतवर्ष जहां आठ जुलाई तक 273 मिली मीटर बरसात हो चुकी थी, वहीं इस बार आज तक बरसात का आंकड़ा केवल 81.3 मिली मीटर तक ही पहुंच जा सके, यानि पूरे 192 मिलीमीटर का अंतर अब तक बना हुआ है। इस आंकड़े में भी बीते 24 घंटे में हुई 26.1 मिली मीटर बरसात शामिल है। यदि यह पानी न गिरा होता तो फिर आंकड़ा 55.2 मिलीमीटर तक ही सीमित रह जाता। यह हालात तब है, जबकि शहर में बरसात का औसत आंकड़ी ही आठ जुलाई तक 122.3 मिली मीटर है
गर्मी से राहत पर बरसात गायब
आसमान पर छाए घने बादलों के साथ ही चल रही शीतल हवा ने गर्मी से जरूर राहत दी है, लेकिन बरसात टोटल गायब है, बादल और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है, लेकिन पानी का न गिरना लोगों को निराश कर रहा है। धूप की चुभन सुबह से ही महसूस होने लगी है यदि हालात यही रहे तो फिर दोपहर तक उमस भी परेशानी का कारण बन जाएगी। हालांकि मौसम के जानकारों का कहना है कि सिस्टम सक्रिय है, इसलिए बरसात तो होगी, लेकिन कब इसका जवाब उनके पास भी नहीं है। वह यह जरूर जोड़ रहे हैं कि तेज बरसात जल्द ही बारिश के आंकड़े को काफी आगे ले जाएगी। यह जरूर है कि पारा इन हालात में गति नहीं पकड़ पा रहा। कल भी अधिकतम पारा बमुश्किल 34 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंच सका था। उधर गर्मी कम होने से अब पंखे एक बार फिर ठंडी हवा देने लगे हैं। जिससे लोग राहत में हैं। वहीं फिलहाल उमस से भी छुटकारा मिल गया है।