सावन के पहले सोमवार पर भक्तों ने किये शिव जी के दर्शन

Jul 06 2020

ग्वालियर। बम-बम भोले की गूंज से सोमवार को शिवालय गुंजामय  हुये और दर्शनार्थियों दर्शन करते हुए परिवार की खुशहाली की कामना की।  सोमवार से सावन का महीना शुरु हो गया। इस दौरान कई शुभ योग भी पड़ेंगे। एक माह तक भोले की भक्ति में शहरवासी लीन होते हुए बेल पत्र, धतूरा, जल और दूध से अभिषेक करेंगे।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भक्त और भगवान के बीच प्रशासन ने दूरी बना दिया है जिसके चलते भक्त मंदिरों में तो पहुंच रहे हैं लेकिन दूर से ही शिव पिंडी पर दूध, दही से अभिषेक कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन ने भी भीड़-भाड़ को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।   सोमवार को श्रावण मास शुरू होते ही भोले की भक्ति में शहर डूबा रहा। भोर होते ही भोले की भक्ति करने के लिए शिव भक्त शिवालय में पहुंचकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक करते हुए परिवार की खुशहाली की। सावन के सोमवारों में शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ रहती है लेकिन सोमवार को भीड़ नदारत रही। श्रावण मास के पहले दिन भोर होते ही शिव मंदिरों में भोले के भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह से शिवालयों में भोले की पूजा करते हुए बम- बम भोले की गूंज के साथ शिव चालीसा का पाठ कर दूध, अभिषेक, गंगाजल, घी और शहद से मंत्रोच्चारण के बीच धारा बहाते हुए अभिषेक किया। पुजारी द्वारा भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया है।                 
बाहर से ही चढ़ाया जल, करे दर्शन
प्रशासन ने स त आदेश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए भीड़-भाड़ एकत्रित न हो और मास्क लगाकर ही मंदिरों में भक्त दर्शन के लिए आए, जिसके चलते अचलेश्वर महादेव मंदिर न्यास द्वारा   सोमवार को सावन के पहले दिन विशेष इंतजाम किए गए। अचलेश्वर महादेव पर जल अर्पित करने के लिए भक्त पहुंचे, लेकिन उन्हें बाहर लगे जलपात्रों में ही जल चढ़ाना पड़। भक्तों द्वारा जल अर्पित करने के लिए भी इंतजार करना पड़ा। प्रबंधन द्वारा 5 जलपात्र लगाए गए हैं।
मंदिरों के आसपास सजी हैं दुकानें
भगवान भोलनाथ पर भले ही फूलमाला, धतूरा और अन्य सामग्री नहीं चढ़ाई जानी हो लेकिन फूलमाला, प्रसाद बेचने वालों की दुकानें सजी रहीं। मंदिर के आसपास सबसे ज्यादा दुकानें सावन शुरु होते ही बेलपत्र, धतूरा बेचने वालों की सजी रहीं। भक्त भी भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा अर्पित करने के लिए खरीदा और बाहर से ही अर्पित करते हुए मनोकामना मांगी। इस दौरान पहले की अपेक्षा मंदिरों में बेलपत्र, फूलमाला और प्रसाद चढ़ाने वालों की सं या कम है जिससे इन परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।            
 यह हैं शहर के प्रसिद्ध शिव मंदिर
शहर में भगवान शिव के सैकड़ों मंदिर हैं जहां पूजा अर्चना श्रावण मास में की गई। शहर के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में 29 दिन तक यानिकि 3 अगस्त रक्षाबंधन तक शिव भक्त अभिषेक कर भोले से खुशहाली की कामना करेंगे। शहर के प्रसिद्ध मंदिर अचलेश्वर महादेव, कोटेश्वर महादेव, नलकेश्वर महादेव, हजारेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव, मार्कण्डेश्वर महादेव, मंगलेश्वर, भूतेश्वर ग्वालियर नं 3 में हैं तो वहीं भितरवार के पास धूमेश्वर मंदिर में भी भक्त मनोकामना मांगने के लिए पहुंचे। सावन के इस माह में 5 सोमवार पड़ेंगे।           
पुलिस रही मुस्तैद
सावन के पहले सोमवार को मंदिरों में जहां भक्तों की अपार भीड़ लगी रही  तो वहीं कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कतार में खड़े लोगों के बीच दूरी पुलिस ने बनवाई  है। पुलिसकर्मी भक्तों से आग्रह कर रहे हैं कि वह भीड़भाड़ नहीं लगाएं और जलपात्र में जल अर्पित कर अपने घर जाएं। इस दौरान पुलिस के जवानों ने मंदिर के आसपास लगने वाली प्रसाद की दुकानों के शटर डाउन करा दिए।