गर्मी और उमर का कहर जारी

Jul 01 2020

ग्वालियर। शहर में फिलहाल बरसात के आसार नहीं हैं, उस पर गर्मी और उमस का अटैक ऐसा है कि न बाहर चैन मिल रहा है न ही भीतर सुकून। सुबह के साथ बिगड़ते हालात रात तक परेशान किए रहते हैं। कमोवेश बुधवार को भी हालात ऐसे ही हैं, भले ही आसमान पर बादलों की आवाजाही बनीहै, लेकिन यह केवल आसही दे सकते हैं, बहुत अधिक होगा तो फिर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, इससे अधिक कुछ नहीं। इन हालात में लोग रात को भी चैन की नींद नहीं ले पा रहे। मौसम विभाग की माने तो फिलहाल पांच-छह दिन केवल बादलों से ही सब्र करना होगा।                   
 अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम शहर में मानसूनी बरसात लेकर आता है, लेकिन यहां भी केवल एक सिस्टम है और वह भी बेहद कमजोर संभवत: यह चार जुलाई को बाद ही ग्वालियर पहुंचेगा, लेकिन जोरदार बरसात दस जुलाई के बाद ही देखने को मिलेगी।                 
माना यह जाता है कि तापमान बढऩे के कारण गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है, लेकिन इन दिनों पारा भी कम है इसके बावजूद लोगों को गर्मी का कहर झेलना पड़ रहा है, वहीं इसके साथ उमस का तालमेल ज्यादा परेशानी बढ़ा रहा है, यही बेचैनी का कारण भी है। अरब सागर में बन रहे सिस्टम के चलते हवा लगातार शहर में प्रवेश कर फिजा में घुलने से नमी की मात्रा बढ़ रही है, जिससे पसीना और चिपचिपाहट ज्यादा परेशान कर रही है, लेकिन यह हालात अभी लगभग एक पखवाड़े तक झेलने पड़ सकते हैं। 
जनजीवन पर भी असर
इस बिगड़ैल मौसम का असर शहर के जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बेचैन करने वाली इस स्थिति से बचने के लिए लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं, ऐसे में सुबह तो बाजार और सड़कों पर भीड़ दिखी, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा हालात असहनीय होते गए और 12 बजे तक तो संन्नाटा सा दिखाई देने लगा।