जल है तो कल है वाटर हारवेस्टिंग के द्वारा जल संग्रहण एनएनएस ने माधव महाविद्यालय में किया

Jun 29 2020

ग्वालियर। ''जल है तो कल हैÓÓ के लिये माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा एक अनूठी पहल करते हुये जल संरक्षण का अभियान वर्षा से पहले महाविद्यालय में किया गया। वर्षा ऋतु से पहले पानी को व्यर्थ होने से बचाया जा सके। इसके लिये डॉ. संजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में वाटर हारवेस्टिंग (रैन वाटर हारवेस्टिंग) स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर में किया गया। जल प्रकृति का अनमोल तोहफा है जिसकी कीमत हमें ना मिलने के समय समझ में आती है। इस कार्यक्रम में नरेन्द्र कुन्टे अध्यक्ष मध्य भारत शिक्षा समिति, प्राचार्य डॉ. मनोज चतुर्वेदी जिला संगठक रासेयो, ग्वालियर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पाण्डेय राष्ट्रीय सेवा योजना माधव महाविद्यालय, ग्वालियर उपस्थित थे।
नरेन्द्र कुन्टे ने बताया कि पानी का मूल्य तब समझ में आता है जब हमें यह मिलता नहीं है और आवश्यक होने पर इसके लिये भटकना पड़ता है तब हमारे जीवन के लिये यह बहुत उपयोगी होता है। यदि हम अपने घरों का पानी जमीन के अंदर जाने की व्यवस्था कर देते हैं तो यह हमारे ही नहीं अपितु आने वाली पीढियों व समाज के लिये काफी उपयोगी होगा। 
डॉ. चतुर्वेदी ने स्वयंसेवकों से कहा कि जिस स्थान पर पानी का वाटल लेवल कम है उन लोगों से पूछे कि पानी कितना अनमोल है। जिससे हम सभी पानी का मूल्य समझ उसको बर्बाद करने से रोक सकें तथा पानी का संचय अवश्य करें।
डॉ. पाण्डेय ने बताया कि विशेष शिविरों के दौरान गोद ग्राम बस्ती के आस-पास हम स्वयंसेवक तालाब का गहरीकरण कर पानी संग्रहण का कार्य करते हैं तथा ऐसे स्थान जहाँ पानी बेकार हो रहा है वहां पर सोक्ता गढढे बनाकर पानी का संचय करते हैं जिससे भू-जल स्तर बना रहे और भविष्य में हमारे काम आये।
कार्यक्रम में हेमन्त मांझी, यश किरार, अनिरूद्ध शर्मा, अनुभव दीक्षित, अंकुश अरोरा, ऋतिक नरवरे, तरूण रोहिरा, अंकुर चौरसिया आदि लोग उपस्थित थे।