कारगिल युद्ध के अमर शहीद हवलदार सरमन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की

Jun 28 2020

ग्वालियर। जंग के दौरान जो प्रसिद्धियाँ होती हैं उन्हें देश का आम नागरिक नहीं समझ सकता। जंग में शहीदी और जिंदगी के बीच बाल भर की दूरी होती है। जिस समय दुश्मन की गोलियां आपके पास से गुजर रही होती हैं और कौन सी सांस आखरी सांस हो उन सभी प्रसिद्धियों के बीच सेना का जवान शेर का जिगरा लेकर जंग लड़ता है। दुश्मन का सामना करता है तब एक सूरमे की पहचान मिलती है इन शब्दों के साथ कर्नल एमएस चहल ने कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही यह भी कहा कि देश के लिए शहीद होना सेना के जवान के लिए ईश्वर का आशीर्वाद होता है उक्त उद्गार नगर निगम एवं कारगिल शहीद सरमन सिंह  खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था  के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित  श्रद्धांजलि सभा में  व्यक्त किए । वही पूर्व मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि कारगिल शहीद सरमन सिंह ने ग्वालियर का मान बढ़ाया है देश के साथ ही ग्वालियर को उन्होंने एक नई पहचान दी है ग्वालियर शहर को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है जिनकी गाथाऐं सदियों तक याद की जाती रहेंगी, कार्यक्रम में पूर्व  साडा अध्यक्ष राकेश जादौन ने कहा कि हमें अपने देश के लिए शहीद हुए सेना के जवानों को हर पल, हर छण याद करते रहना चाहिए। पुलिस लाइन ग्वालियर आरआई  अरविंद दांगी ने कहा कि - कारगिल युद्ध विपरीत परिस्तिथियों वाला युद्ध था। दुश्मन चोटी के ऊपर और हमारे सैनिक चोटी के नीचे थे फिर भी हमारे सैनिकों ने अपने अद य साहस के साथ सुरक्षित मांद में बैठे दुश्मन को मारा और खदेड़ा, भारत माता की सीमाओं को सुरक्षित कर गए,  इस युद्ध में ग्वालियर के अमर सपूत एवं पुलिस विभाग में कार्यरत  उनके पिता  उदय भान सिंह के जेष्ठ पुत्र हवलदार सरमन सिंह ने 28 जून 1999 को अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। पुलिस परिवार शहीद सरमन सिंह के  चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करता है। क्योंकि उन्होंने देश का स मान तो बढ़ाया ही है  साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस का भी मान बढ़ाया है। संस्था के सचिव विहवल सेंगर ने कार्यक्रम का संचालन किया। शहीद सरमन सिंह के चित्र पर सर्वप्रथम कर्नल एम एस चहल ने पुष्प चक्र अर्पित करते हुए सैन्य सलामी दी, उसके पशचात  पूर्व साडा अध्यक्ष राकेश जादौन ने पुष्प चक्र अर्पित किया साथ ही मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री प्रदु न सिंह तोमर, पुलिस लाइन के आरआई अरविंद दांगी और वरिष्ठ समाज सेवी उधम सिंह  ने पुष्प चक्र अर्पित कर अमर शहीद सरमन सिंह को नमन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा वीरनारी सरोज कुमारी  को पुष्प माला भेंट कर स मानित किया गया।  इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों ने शहीद सरवन सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की जिनमें प्रमुख रूप से बजरंग सिंह राठौर, मनोज त्रिपाठी, रूप सिंह पाल, महेश गौड़, डॉ मानवेंद्र सिंह राजावत, रामनिवास सिंह तोमर, राजकुमार सिंह परमार, पुरुषोत्तम सिंह कुशवाह , राजेंद्र बघेल , वीर सिंह राजपूत, रवि यादव, राजेंद्र सिंह गुर्जर, देवदत्त शर्मा, हीरालाल कुशवाह, अंशुमान सिंह सेंगर, रामवीर सिंह, नीलेश तिवारी, सुनील तोमर, राहुल शाक्य, राणा सेंगर,  शीतल बरेलिया, मंत्रता शर्मा, भक्ति सेंगर, माया सेंगर,  मदन सिंह आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। 
कार्यक्रम के समापन पर  संस्था  सचिव विहवल सेंगर ने उपस्थित मंचासीन अतिथियों को बताया कि संस्था के प्रयासों से नगर निगम ग्वालियर ने कारगिल युद्ध के 527 योद्धाओं का स्मारक बनाने का टेंडर डेढ़ साल पहले खोला था व ठेकेदार नियुक्त किया था। लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण कार्य अभी तक शुरू नही हो पाया है, वहीं बहोड़ापुर तिराहे पर शहीद सरमन सिंह का स्मृति द्वार आधे अधूरे पिलरों पर खड़ा हुआ है, इस कार्यक्रम के माध्यम से हम संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं की देश के लिए अपने प्राण की आहुति देने वाले शहीदों की स्मृतियों के निर्माण में हो रही देरी असहनीय है।
 कारगिल शहीदों  को श्रद्धासुमन अर्पित किए
कारगिल युद्ध के अमर शहीद हवलदार सरमन सिंह सेना मेडल के बलिदान दिवस 28 जून के अवसर पर रविवार को  बलिदान दिवस पर पूर्व मंत्री प्रदु न तोमर, राकेश जादौन के साथ अन्य गणमान्य  नागरिकों ने  श्रद्दासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर तोमर ने कहा कि शहीदों के बलिदान से ही आज हम सभी अपने घरों में सुरछित हैं। उन्होंने शहीद की पत्नी के चरणों मे भी नमन किया। सेना के अधिकारियों ने भी  पुष्प अर्पित किए।
भारत माता की जय शहीद सरमन सिंह अमर रहे के नारे लगाए। शहीद सरमन सिंह पार्क पर जेल रोड ग्वालियर मैं सेना के जवानों द्वारा सलामी दी। तत्पश्चात शहर के गणमान्य नागरिकों के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीद सरमन सिंह को याद किया।