भाजपा ने सभी नौ मंडलों में कमलनाथ का पुतला जलाया

Jun 28 2020

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री रहते हुए चीन को रियायतें देने पर भारतीय जनता पार्टी ग्वालियर महानगर द्वारा पूर्व मु यमंत्री कमल नाथ का पुतला फूंका गया। जिले के प्रत्येक मंडल में पुतला दहन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के उपस्थिति में हुआ।
 शहर के इंदरगंज चौराहे पर मु य अतिथि पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर मौजूद थे। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी कर रहे थे। इस मौके पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओ के हाथों में त ितयां लिए हुए थे, जिन पर चीनी दलाल कमल नाथ हाय हाय के स्लोगन लिखे थे। कमल नाथ के खिलाफ  नारेबाजी के बीच भाजपा नेताओं ने कमल नाथ का पुतला फूंका। 
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मंत्री श्री बिसेन ने कमल नाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए कमल नाथ ने चीन के साथ समझौता किया था। जिसके तहत चीनी उत्पादों के भारत में विक्रय को लेकर भारी भरकम टेक्स में छूट दी गई थी। विशेषकर जिनका उत्पादन भारत में होता है उनके आयात शुल्क घटाए गए थे। परिणाम स्वरूप देश के लघु, कुटीर और हस्तकरघा उधोग प्रभावित हुए। जिसके चलते चीनी उत्पादों ने भारतीय बाजार पर कब्जा कर लिया। पूर्व मंत्री का कहना है वर्तमान में चीन के साथ सीमा पर तनाव है ऐसे में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी जो बयानबाजी कर रहे हैं उसमें कहीं भी राष्ट्रवाद नहीं झलक रहा है। पूर्व मंत्री श्री बिसेन ने कहा कि कमल नाथ मु यमंत्री व केंद्रीय मंत्री रहे, उनके कार्यकाल में देश को नुकसान हुआ, जिसका पुरजोर विरोध करते हुए भाजपा ने प्रदेशव्यापी मंडल स्तर पर कमल नाथ का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया है।
जिले के हेमू कालानी मंडल द्वारा महाराज बाडे पर, दीनदयाल मंडल द्वारा केआरजी कॉलेज के सामने, सावरकर मंडल का इंदरगंज चौराहे पर, विवेकानन्द मंडल द्वारा राम मंदिर, फालका बाजार, कोटेश्वर मंडल द्वारा किला गेट पर, दुर्गा दास मंडल का हजीरा चौराहे पर, रामकृष्ण मंडल का थाटीपुर चौराहे पर तथा भगत सिंह मंडल द्वारा बारादरी चौरहे पर पर पूर्व मु यमंत्री कमलनाथ का पुतला दहन किया गया।
 इस अवसर पर पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री  प्रद्यु न सिंह तोमर, पूर्व विधायक मुन्ना लाल गोयल, पूर्व जीडीए अध्यक्ष  अभय चौधरी, पूर्व साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, जयप्रकाश राजौरिया, पारस जैन, अशोक पटसारिया, राकेश माहौर, अशोक बांदिल, राकेश गुप्ता, कनवर मंगलानी आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।