उमस और गर्मी से लोग बेहाल

Jun 19 2020

ग्वालियर। भले ही तेज बरसात न हो, लेकिन जिस मौसम में आसमान पर बादलों की आवाजाही शुरु हो जाती थी, कभी बूंदाबांदी तो कभी पानी के साथ मस्त ठंडी हवा तन-मन को राहत प्रदान करती थी, वहीं इस बार हालात थोड़े बदले हुए हैं। शुक्रवार को फिर सुबह से शरीर पसीने से लथपथ हैं और लोग राहत भरी बरसात के लिए आसमान ताक रहे हैं, उनकी मुराद भले ही पूरी नहीं हो रही, लेकिन तेज गर्मी के साथ अब बरसात की चर्चा भी चलने लगी है, लपट के थपेड़े झेलते शहरवासी यही कह रहे हैं कि अब पता नहीं पानी कब आएगा, देश के कुछ हिस्सों में हुई बरसात अलग उन्हें चिढ़ा रही है। यहां जब आसमान ताक रहे हैं तो बजाए बादलों का राहत के सूरज की किरणों की चुभन आंखों में जलन का अहसास करा रही है।               
बीते दो साल से अभी तक की बरसात की तुलनात्मक बात करें तो इस साल अब तक का बरसात का आंकड़ा बेहद कम रहा है। जहां 2018 में एक से 19 जून तक बरसात 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुई ती, वहीं 2019 में 32.2 मिलीमीटर रही, जबकि इस साल आज तक  22.4 मिलीमीटर बरसात ही हुई है। वहीं गत साल 19 जून को सुबह साढ़े आठ बजे तक ही 11.5 मिली मीटर बरसात हो चुकी थी और मौसम बेहद मस्त था। इस बार हालात बेहद उल्टे हैं, शरीर का अंग-अंग सुबह से पसीने से तरबतर है और साधारण कपड़े भी शरीर को चुभ रहे हैं।        
 सुबह से तेज गर्मी, उमस शुक्रवार सुबह से ही फिर गर्मी ने असर दिखाना शुरु कर दिया था, हालात ऐसे बनते गए कि उमस के साथ चिपचिपाहटभरा पसीना चैन नहीं लेने दे रहा था, तब बाहर तो भीषण गर्मी और लपट मार ही रही थी, वहीं भीतर भी बेचैनी बरकरार रही। लोग घरों से बाहर नहीं निकले। अनमने मौसम के असर से फिर पांचवे दिन लगातार जनजीवन ठप दिखाई दिया। उधर मौसम विभाग फिलहाल बरसात के संकेत नहीं दे रहा है, यानि बरसाती पानी में तरबतर होने के लिए अभी शहरवासियों को और इंतजार करना होगा।