शि िटंग से पहले कैदी के घरवालों तक पहुंची सूचना

Jun 19 2020

ग्वालियर। आजीवन कारावास की सजा काट रहे आरोपी की दूसरी जेल में शि िटंग से पहले उसके रिश्तेदार जेल पर पहुंच गए। रिश्तेदारों को जेल में देखकर अफसरों का माथा ठनका और बगैर देर किए आरोपी को फिर से जेल में दाखिल कर अफसरों को सूचना दी। सूचना मिलते ही अफसर भी मौके पर पहुंचे और रिश्तेदारों को दबोच लिया। घटना केन्द्रीय जेल की है। पुलिस पकड़े गए रिश्तेदारों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि उन्हें बंदी को शि ट करने की सूचना कहां से मिली और उनकी आगे क्या योजना थी। फिलहाल पकड़े गए रिश्तेदार सिर्फ मुलाकात की बात कह रहे हैं। 
झांसी के शिवपुरी बाजार निवासी सरदार सिंह अंतर्राज्जीय बदमाश है और उस पर पकड़े जाने से पहले ढाई लाख रुपए का इनाम था। दतिया में पकड़े जाने पर उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और उसे ग्वालियर केन्द्रीय जेल में शि ट किया गया था। उसे गुप्त रूप से ग्वालियर से उत्तर प्रदेश के  हमीरपुर जेल में शि ट किया जा रहा था। 
जेल में बंदी को ले जाने की सारी कार्रवाई होने के बाद जैसे ही सरदार सिंह को बाहर निकाला जा रहा था, तभी एक कार एमपी 07 सीजी 7333 आकर रूकी। कार देखते ही इंचार्ज को शंका हुई और वह कार सवारों के पास पहुंचा और पूछताछ की तो कार सवारों ने खुद को बंदी का दामाद बताते हुए अपने नाम अमर सिंह और धर्मवीर बताए। बंदी के शि ट होने की सूचना लीक होने का पता चलते ही गार्ड ड्यूटी में आए जवानों ने बगैर देर किए बंदी को वापस जेल में दाखिल किया।
मामले का पता चलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस के साथ ही पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को थाने लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। युवकों के पास से पुलिस को करीब पचास हजार रुपए भी मिले हंै। अब पुलिस पता लगा रही है कि उन्हें सूचना कहां से मिली और उनका क्या उद्देश्य है। फिलहाल युवक सिर्फ मुलाकात करने की बात बता रहे हैं। 
पहले घट चुकी है घटना, इसलिए थे सतर्क
दो साल पहले भिण्ड पेशी पर आया भीमा यादव पुलिस की आंखों में मिर्ची झोंकने के साथ ही हथियार लूट ले गया था। इस घटना के बाद से ही बंदियों को लाने-ले जाने से पहले अच्छी तरह से ब्रीफ किया जाता है। इसी वजह से गार्ड ड्यूटी में आए जवान और अफसर अलर्ट थे।