गर्मी की प्रताडऩा से बच नहीं पा रहे शहरवासी

Jun 17 2020

ग्वालियर।  बुधवार सुबह फिर से शहर वासियों पर गर्मी का सितम शुरु हो गया। आसमान से बरसती आग जमकर झुलसा रही है, वहीं लू के थपेड़े भी अपनी करनी में कतई कसर नहीं छोड़ रहे। घर से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इससे बचने का अब कोई उपाय नहीं सूझ रहा है, जो उपकरण हैं मसलन पंखे, कूलर तो लगभग दम तोड़ चुके हैं, वहीं दोपहर के वक्त एसी तक वेंटीलेटर पर आ जाते हैं, लोग लगातार स्पीड कम ज्यादा कर कुछ राहत पा लेने का प्रयास जरूर करते हैं, लेकिन उसके कोई खास नतीजे सामने नहीं आते। इन हालात में जो घर पर रुके हैं वह भी गर्मी की प्रताडऩा से बच नहीं पा रहे, फिर बाहर तो आग का सामना करना ही पड़ रहा है।
अब बीते तीन दिन से गर्मी ने जिस तरह का कोहराम मचाया है उसके बाद शहरी जनजीवन चंद घंटे मेंसिमटकर रह गया है। जहां सुबह बमुश्किल दस बजे तक लोग दिखाई देते हैं, वहीं दोबारा इनकी उपस्थिति शाम छह बजे के बाद ही नदक आती है। हालांकि गर्म हवा चैन इस वक्त भी नहीं लेने देती, लेकिन धूप से बचाव का अहसास लोगों में दम भर देता है। लगातार गर्मी से लोग रात में भी भरपूर नींद नहीं ले पा रहे, इसका सीधा असर भी दिनचर्या और स्वास्थ पर पड़ रहा है। यदि कोई चाहे तो भी इस विपदा से बच नहीं सकता। गर्मी के चलते दिन में सात घंटे तक काम धंधे भी लगभग ठप रहते हैं, जब लोग घर से निकल ही नहीं पा रहे तो फिर खरीद फरो त कैसी। यदि बाजारों की बात की जाए तो यहां दुकानें ही दस बजे तक खुलती है तब तक लोग घरों में कैद हो जाते हैं, तब शाम दो से तीन घंटे ही दुकानदारी चलती है।                     
गर्मी के सितम पर मौसम के जानकार भी कुछ ज्यादा नहीं बता पा रहे हैं। विभाग यह जरूर कह रहा है कि प्रदेश में मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन शहर पर कब मेहरबान हो रहा हैं, यह बताने में वह भी अक्षम हैं। आसमान पर बादलों की उपस्थिति तो है, लेकिन जब तक यह एक जुट नहीं होते पानी की संभावना व्यक्त नहीं की जा सकती।