पारा पहुंचा 40 डिग्री पार

Jun 10 2020

ग्वाालियर। सुबह से गर्मी और उमस ने जो कहर बरपाया है उसके बाद तो अब हर एक यही कहता दिखाई दे रहा है, कि गर्मी ने तो मार डाला यार, भरे नौतपे में बरसात और ठंडी हवा ने लोगों को गर्मी से जमकर राहत दी, मौसम इतना सुहाना हो गया था कि लोग जमकर एंजॉय करने लगे थे, इसके बाद भी कभी पंजाब में बनी द्रोणिका तो कभी राजस्थान पर बना साइक्लोन लगातार पारे पर हावी रहे, हालात यह बने कि जिन दिनों पारा अपनी टॉप पोजीशन पर रहता था, उन दिनों यह 32 और 34 डिगरी सेल्सियस से आगे बढऩे की हि मत नहीं जुटा सका, लेकिन अब तीन दिन से सूरज के तल्ख तेवरों ने लोगों की हालत बिगाड़ कर रख दी है. 29 मई के बाद पारा मंगलवार को पूरे 12 दिन बाद 40 के पार पहुंचने में कामयाब हो सका, लेकिन अब उसने यह जता दिया है कि फिलहाल राहत की बात भूल जाएं और गर्मी झेलने के लिए खुद को तैयार कर लें।                 
बुधवार को सुबह से ही सूरज के तेवर बेहद तल्ख रहे। आठ बजे ही धूप की चमक बेहद परेशान करने वाली थी, फिर तो जैसे-जैसे दिन चढ़ा हालात बिगड़ते ही चले गए। अरब सागर से आने वाली हवा नमी जरूर बढ़ा रही है, लेकिन तापमान के बढऩे के कारण इनका असर उल्टा पड़ रहा है, जिससे बजाए ठंडक के यह उमस बढ़ा रही हैं, नहीं गर्म हवा को भी बल दे रहीं हैं। जब इस तरह ते हालात बने तो इनका असर जनजीवन पर पडऩा तय था और हुआ भी यही। लोग सुबह दस बजे ही घरों के दरवाजे बंद कर अंदर से कुंदी लगाकर बैठ गए। जो थोड़े बहुत काम निबटाने थे वह सुबह निबटा लिए, इसके बाद तो 12 बजे बाजार खाली हो गए। यह स्थिति उन लोगों के लिए बेहद कष्टदाई रही, जिन्हे 11 बजे ऑफिस पहुंचना होता है, तेज गर्मी में मुंह ढांकने के और कैप लगाने के बावजूद राहत नहीं मिली। उधर द तर में एसी है तो भला वरना कूलर और पंखे की हवा को सुकून नहीं दे रही।                     
गर्मी में भी जरूरी काम के चलते या फिर फील्ड में वर्क करने वाले जिनका बाहर निकलना जरूरी था, उनके जब कंठ सूखे तो फिर शीतल पेय पदार्थ बेचने वालों की निकल पड़ी। जहां गन्ने के रस, लस्सी की दुकानों पर खूब भीड़ है, वहीं जूस और कॉल्ड्रिक के साथ ही ठंडे मिनरल पानी की बोतले भीं खूब बिक रहीं हैं। एक बार फिर गर्मी के चलते पानी पाउच की बिक्री का प्रतिशत खूब बढ़ गया है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि इस बार कोरोना के चलते शहर में सामाजिक संगठनों द्वारा प्याऊ नहीं लगाईं गई हैं।