बालेन्दु शुक्ल भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल

Jun 05 2020

ग्वालियर। बारह साल बीजेपी में रहने के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल के ब्राह्मण समाज के प्रमुख चेहरा बालेंदु शुक्ल ने 74 साल की उम्र में फिर दलबदल किया है। बालेंदु शुक्ल ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मु यमंत्री कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता फिर से ग्रहण कर ली। कहा जा रहा है कि वे बीजेपी में अपने आपको हासिए पर पा रहे थे इसलिए उन्होंने बीजेपी को छोड़, हाथ के साथ चलना पसंद किया पर जानकारों ने कहा कि बीजेपी में उन्हें कोई परेशानी नहीं थी। बीजेपी में आते ही उन्हें स मान भी मिला। वे निर्धन आयोग के अध्यक्ष भी बने पर इसी साल 12 मार्च को जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में आए तभी से बीजेपी को टाटा कहने का मूड बना रहे थे और आज यह मौका आ गया।  सिंधिया से अनबन के चलते ही उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी।                 
बालेंदु शुक्ल 1980 में कांग्रेस में आए। इससे पहले वे बैंक की नौकरी में थे पर तब माधवराव सिंधिया को अंचल में अपने एक साथी की तलाश थी जो ग्वालियर-चंबल अंचल को संभाल सके। माधवराव सिंधिया बालेंदु को कांग्रेस में ना केवल लाए बल्कि गिर्द विधानसभा सीट से टिकट भी दिलवाया और जितवाया भी। इसके बाद बालेंदु शुक्ल ने पीछे मुढ़कर नहीं देखा। गिर्द से वे कई बार जीते पर दो बार हारे भी। एक बार बीजेपी के अनूप मिश्रा ने हराया तो दूसरी बार बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े लाखन सिंह ने हराया।