मॉ गंगा का अभिषेक कर खुशहाली के लिये श्रद्धालुओ ने मनोकामना की

Jun 01 2020

 ग्वालियर। भाऊ का बाजार स्थित 125 साल पुराना गंगा मन्दिर में  सोमवार को गंगा दशहरा पर मंदिर में प्रात बेला में मॉ गंगा माईया का महिलाओं ने मंत्र उच्चरण के साथ पंचअमृत से अभिषेक ंिकया। अभिषेक उपरांत मॉ गंगा माईया का विषेश श्रृगंार कर भव्य आरती उतारी। लॉकडाउन पर मंदिर के बाहर से श्रद्धालुओ ने हाथ जोडकर माथा टेककर दर्शन ंिकए।
   मंदिर मीडिया प्रभारी सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया ंिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंदिर के महंत पुजारी किरण शर्मा ने मंत्रउच्चारण के साथ मॉ गंगा माईया का जल, दूध, घी, दही, चंदन, केषर, गन्ने का रस आदि सहित पंचअमृत से अभिशेक किया गया। अभिशेक और पूजा आर्चना कव उपरांत शहर मे कोरोन वायरस माहमारी संकट से मुक्ति दिलाने के लिए मॉ गंगा माईया से मनोकामना की। महिलाओ ने मॉ गंगा माईया का विषेश श्रृंगार कर भक्ति भाव के साथ ंिकया गया। इस के साथ ही श्रद्धालुओं ने गंगा माईया की भव्य आरती उतारी। महिलाओं ने ढोलक की थाप पर मॉ गंगा माईया के भजनों पर महिलाओं ने भक्ति विभोर होकर किर्तन में गंगा माईया की भेटे गायई और नृत्य किया। जिसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया।
  मंदिर की स्थापाक श्रीमती किरण देवी शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ शुल्क पक्ष की दषमी को संवत्सर का मु य कहा गया है इसलिए इस दिन स्नान और दान देने के विषेश महत के चलते भक्त ब्रा हणों को सुरई, मटकी, पंख, आम, सत्तू आदि वास्तुओं का दान करते है। वराह पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुल्क दशमी, बुधवार के दिन हस्त नक्षत्र में स्वर्ग से धरती पर गंगा का अवतरण हुआ था। गंगा दषहरा पर इस पवित्र नदी में स्नान करने से 10 प्रकार के पाप नश्ट होते है। 10 पार्पो में 3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक पाप होते है। गंगा स्नान से इन सभी को पापों से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है।