गंगा मैया से मांगी परिवार की खुशहाली

Jun 01 2020

ग्वालियर। गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि मनाया जा रहा है। सोमवार को गंगा दशहरा पर 10 में से 8 योग घटित हुए। गंगा दशहरा अबूझ मुहूर्त होने के कारण कोई भी शुभ कार्य करने से वह सिद्ध होता है। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। कोरोना महामारी के चलते मंदिरों के पट बंद हैं जिससे भक्तों को बाहर से ही गंगा मैया के दर्शन करते हुए परिवार की खुशहाली की कामना कर रही है। बरसों बाद बंद मंदिरों में गंगा मैया की पूजा अर्चना करते हुए गंगा दशहरा मनाया जा रहा है।
गंगा मैया भगवान शिव की जटाओं से निकली हैं, लेकिन आज गंगा दशहरा पर भगवान शिव गंगा की गोद में बैठे हैं और भक्त गंगा मैया और भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हुए गर्मी से राहत देने वाले पदार्थों का भोग दूर से ही लगा रहे हैं। कोरोना का भय और सूरज के तेवर तीखे होने पर भी भक्तों का उत्साह कम नहीं है और वह भोर होते ही मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं मांग रहे हैं। 
छत्री बाजार व भाऊ का बाजार स्थित गंगा माता मंदिर में तड़के 4 बजे से ही भक्त पहुंचना शुरू हो गए, लेकिन भक्तों को बाहर से ही दर्शन करने पड़े। सोमवार को गंगा दशहरा पर 10 योग में से 8 योग घटित हुए हैं। ये योग हैं ज्येष्ठ माह, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, हस्थ नक्षत्र, व्यति पात योग, गरकरण योग, चंद्र कन्या तथा वृषभ राशि में सूर्य है। गंगा दशहरा पर भगवान अचलनाथ को गर्मी से ठंडक देने के लिए गंगा की गोद में विराजित किया गया है। राम मंदिर में भगवान श्रीराम को फव्वारा चलाकर पानी का कुंड भरा गया है। मंदिरों के अंदर भक्तों को प्रवेश नहीं मिल रहा है जिससे वह बाहर से ही दर्शन करते हुए दान पुण्य कर परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
अचलनाथ बैठे गंगा की गोद में हो रहा दान
भगवान अचलनाथ गंगा मैया की गोद में बैठे हैं और भक्त बाहर से ही दर्शन करते हुए दान कर रहे हैं। सुबह से अचलेश्वर महादेव मंदिर के बाहर लगी दुकानों पर खरीदारी करने श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। श्रद्धालु मंदिरों के बाहर बैठे पुजारियों को आम, खरबूजा, तरबूजा, सतुआ का दान कर रहे हैं। राम मंदिर, सनातन धर्म मंदिर में भी दर्शन भक्त कर रहे हैं।
पट बंद, लेकिन गूंजे भजन
मंदिरों में भगवान के पट भले ही बंद हों लेकिन मंदिर परिसर खुले हुए हैं और सुबह पुजारियों ने पहुंचकर भगवान का विधि विधान के साथ अभिषेक किया। इसके बाद भगवान के पट बंद कर दिए गए, लेकिन महिला मंडल द्वारा सोमवार को गंगा दशमी पर कई मंदिरों में भजन, कीर्तन किए गए। महिला मंडल द्वारा ढोलक की थाप पर भजन कीर्तन करने के लिए सुबह से ही पहुंच गईं। 
निराहार रहकर आज मांगेंगी मनोकामनाएं
पति की दीर्घायु और संतान की खुशहाली के लिए आज मंगलवार को महिलाएं इस भीषण गर्मी में अन्न और जल का त्याग करते हुए मनोकामनाएं मांगेंगी। मंगलवार को निर्जला ग्यारस पर सुबह से ही मंदिरों के आसपास बैठने वाले असहायों को दान-पुण्य किया जाएगा और महिलाएं अन्न, जल का त्याग कर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा अर्चना करेंगी। मंदिरों के बंद रहने के कारण महिलाओं को घर में रहकर ही पूजा-अर्चना करनी होगी और मंदिरों में सिर्फ बंद पट में भगवान के दर्शन करने के लिए मिलेंगे।