व्यवसाईयों से जबरन वसूली नहीं होने दी जाएगी : ओझा
Jun 01 2020
ग्वालियर। नगर-निगम, ग्वालियर द्वारा शहरवासियों से वर्ष 2020-21 के लिए स पत्ति कर को गत् वर्ष की दर से ही वसूल किए जाने के साथ ही, ट्रेड लायसेंस बनाए जाने की प्रक्रिया को स्थगित किए जाने तथा नामान्तरण शुल्क में रु. 50/- के अतिरिक्त समाचार-पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशन के नाम पर रु. 5000/- का अतिरिक्त शुल्क जोड़े जाने संबंधी आयुक्त, नगर-निगम द्वारा जारी आदेश को निरस्त किए जाने की माँग करते हुए, सोमवार को चे बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी संभागीय आयुक्त, एम. बी. ओझा से मिले और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
संभागीय आयुक्त, एमबी ओझा से भेंट करने वाले प्रतिनिधि मण्डल में चे बर के अध्यक्ष-विजय गोयल, संयुक्त अध्यक्ष-प्रशांत गंगवाल, उपाध्यक्ष-पारस जैन, मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल शामिल थे ।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त से चर्चा करते हुए चे बर के पदाधिकारियों ने कहा कि आयुक्त, नगर-निगम द्वारा स पत्ति कर वर्ष 2020-21 की दरों को बढ़ाए जाने का एक प्रस्ताव आपकी अनुशंसा हेतु प्रेषित किया गया था । इस प्रस्ताव का हमारे द्वारा विरोध करते हुए आपत्ति व्यक्त की गई थी, जिस पर आयुक्त, नगर-निगम द्वारा 2 मई को बाल भवन में एक बैठक आहूत की गई, जिसमें चे बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने आयुक्त, नगर-निगम से कहा कि वर्तमान में कोरोना महामारी से संक्रमण को ध्यान में रखते हुए स पूर्ण देश एवं प्रदेश में लॉकडाउन है। समस्त प्रकार की व्यवसायिक, आर्थिक एवं अन्य गतिविधियों पर विराम लगा हुआ है । सभी प्रकार के व्यापार, उद्योग, धंधे आदि बंद हैं । उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा पूर्व वर्ष 2019-20 में पारित स पत्ति कर ठहराव/प्रस्ताव अनुसार परिक्षेत्र भाड़ा मूल्य की दरें, स पत्ति कर की दरें आदि को वर्ष 2020-21 के लिए पूर्णत: यथावत् रखा जाए। चे बर के इस प्रस्ताव को आयुक्त, नगर-निगम द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया था, परन्तु बावजूद इसके वर्तमान में देखने में आ रहा है कि नगर-निगम द्वारा जिन लोगों से स पत्ति कर की वसूली की जा रही है, उनसे गारबेज शुल्क के नाम पर हजारों रुपये की वसूली का दबाव बनाया जा रहा है, जो कि गलत है । इस शुल्क को लगाए जाने के प्रस्ताव को नगर-निगम परिषद द्वारा भी पूर्व में वापिस किया जा चुका है, फिर भी शहरवासियों/व्यवसाईयों से गारबेज शुल्क के नाम पर वर्तमान संकटकाल में किया जाना औचित्यहीन होने के साथ-साथ अवैधानिक भी है ।
संभागीय आयुक्त, ग्वालियर संभाग-एमबी ओझा ने चे बर के पदाधिकारियों की बातों को काफी ध्यान पूर्वक सुना और ज्ञापन में उल्लेखित सभी बिन्दुओं को पढऩे के उपरान्त कहा कि किसी भी स्थिति में व्यवसाईयों से जबरन वसूली की कार्यवाही नहीं होने दी जाएगी। साथ ही ज्ञापन में शामिल सभी बिन्दुओं का यथासंभव समाधान किए जाने का प्रयास किया जाएगा।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









