कोविड महामारी के बाद की दुनिया में हरित ऊर्जा में तेजी
May 28 2020
यह 1962 का साल था, जब बेल लैब्स ने पहला दूरसंचार उपग्रह लॉन्च किया था। टेलस्टार के नाम से कई ‘सबसे पहले हासिल की गई उपलब्धियां’ जुड़ी हुई थीं, और इन उपलब्धियों में ही, टेलस्टार की सतह का सौर कोशिकाओं से ढका हुआ होना शामिल था, जो 14 वाट विद्युत शक्ति का उत्पादन करती थीं। इसका श्रेय जेम्स एम. अर्ली को गया। श्री अर्ली वास्तव में ‘अर्ली’ यानी बहुत पहले बता चुके थे! लगभग छह दशक बाद, हाल ही में एमआईटी के एक शोध पत्र में बताया गया है कि सोलर मॉड्यूल की कीमत पिछले 40 वर्षों में 99% कम हुई है। और जो मैं देख रहा हूं, उसके अनुसार मुझे अगले 40 वर्षों में कीमतों में 99% की और कमी आने की उम्मीद है, जो संभवत: बिजली की सीमांत लागत को शून्य कर देगा। इस तरह की कमी का मतलब है दो व्यावसायिक मॉडल के सह-अस्तित्व का होना - एक जीवाश्म ईंधन पर आधारित मॉडल और दूसरा नवीकरणीय ऊर्जा द्वारा संचालित मॉडल। ये दोनों मॉडल निकट भविष्य में एक-दूसरे के पूरक बनेंगे, लेकिन लंबी अवधि में देखें तो नवीकरणीय ऊर्जा का ही भविष्य बेहतर दिखता है।
कोविड-19 ने हमें सच्चाई का अहसास कराया
आज जब कोविड-19 हमारे जीवन की मूलभूत धारणाओं को चुनौती दे रही है, तो ऊर्जा क्षेत्र में हरित क्रांति की जरूरत को अधिक महत्व मिलता दिख रहा है। हालांकि तत्कालिक आर्थिक प्रभाव हमारी गति को धीमा कर सकता है, लेकिन हमारे सामने कम कार्बन वाले भविष्य में तेजी से रूपांतरित होने के लिए ठहर कर विचार करते हुए डिजाइन करने का अवसर है। इसके अलावा, यूरोप में कई सिस्टम ऑपरेटर, जो गिरती मांग के साथ इसका सामना कर रहे हैं, एनर्जी मिक्स में जो अक्सर 70% तक रहता है, नवीकरणीय ऊर्जा के उल्लेखनीय उच्च स्तर पर ग्रिड का प्रबंधन करना सीख रहे हैं। यह सीखना अनमोल है क्योंकि इस तरह का परिदृश्य कुछ महीने पहले ही संभव नहीं था। हालांकि उत्पादन संतुलन मांग बढ़ने पर वापस लौट सकता है, लेकिन इस संकट ने ऑपरेटरों को नवीकरणीय उर्जा के मामले में उच्च स्तर के साथ ग्रिड को स्थिर रखने के लिए अंतर्दृष्टि प्रदान की है। कोविड-19 महामारी के बाद के दौर में, यह नया मानदंड हो सकता है।
जब अर्थशास्त्र और उद्देश्य मिलकर काम करते हैं
जब अर्थशास्त्र और उद्देश्य मिलते हैं, तो नतीजे विघटनकारी हो सकते हैं। कहावत है कि नवीकरणीय ऊर्जा पर्यावरण के लिए तो अच्छी है, लेकिन व्यापार के लिए काफी हद तक बीते दिनों की बात है। आज, इसमें हम तेजी की प्रवृत्ति देख रहे हैं, जहां जलवायु परिवर्तन पर सरकारों की नीतियां, जन जागरूकता और कार्रवाई के लिए जन समर्थन, और बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से बड़े पैमाने पर बाजार में मांग और रोजगार सृजन कर को बनाये रख रही हैं। इसके साथ ही, ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा को संबोधित करती है।
संभावित गेम चेंजर के रूप में हाइड्रोजन
सिर्फ सौर ही नहीं, मुझे यह भी उम्मीद है कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इनोवेशन के कारण और ऑन-शोर एवं ऑफ–शोर नई पवन परियोजनाओं के लागू होने के कारण, पवन ऊर्जा की इकाई लागत में कमी आयेगी। सौर और पवन ऊर्जा में निवेशकों के बढ़ते भरोसे के साथ, विभिन्न भंडारण प्रौद्योगिकियों के साथ उनका एकीकरण ऊर्जा में परिवर्तन की गति को और तेज करेगा। हाइड्रोजन आने वाली प्रमुख भंडारण प्रौद्योगिकी <span lang="HI" style="font-family:"Nirmala UI",sans-serif;color
संपादक
Rajesh Jaiswal
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