उद्धव जितनी ट्रेनें माँगेंगे उतनी ट्रेनें देंगे, सभी आरोप बेबुनियाद: पीयूष गोयल

May 27 2020

 

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. उद्धव ठाकरे ने रेलवे पर राज्य को पर्याप्त रेल उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। न्यूज़18 इंडिया से ख़ास बातचीत में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा की महाराष्ट्र सरकार दिखावा कर रही है कि वो श्रमिकों की चिंता कर रही. “रविवार से पहले 65 बार, जो 65 रेल हम लगाते थे, वो यात्री नही ला पाते थे और वो ट्रेन हमें रद्द करनी पड़ी थी.”उन्होने कहा की रविवार करीब 7 बजे 125 ट्रेनें देश भर से चलाना शुरू कर दिया था और महाराष्ट्र सरकार से लिस्ट माँगी. “7 बजे से 12.30 बजे तक मैं और मेरे अधिकारी लिस्ट माँगते रहे लेकिन उनके यहाँ से कोई जानकारी नही मिली. इतने समय बाद भी उनके यहाँ से मात्र 46 रेल की जानकारी मिली. उसमें से भी 5 ट्रेन पश्चिम बंगाल और ओडिशा की थी जहाँ चक्रवात के कारण ट्रेन नही जा रही हैं अभी. पूरी तरह से महाराष्ट्र की सरकार बेनकाब हुई है और आज भी हम उनकी तरफ से जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं. अभी भी वो जितनी ट्रेनें माँगे, हम उतनी देने को तैयार हैं.”विपक्ष पर धावा बोलते हुए रेलवे मंत्री ने कहा, “ममता बनर्जी अपने लोगों को वापिस नहीं आने दे रहीं हैं. केरल के मुख्यमंत्री ने अपनी शर्तों की इतनी लंबी लिस्ट बना के दी जिसके बिना वो कोई ट्रेन नहीं आने देंगे. इन सब सरकारों को जवाब देना पड़ेगा की वो क्यों नहीं ले रहें हैं ट्रेन.”

इस मामले में एनसीपी ने भी केंद्र सरकार का साथ दिया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीयूष गोयल ने कहा की शरद राव के साथ वो लगातार संपर्क में थे जबकी महाराष्‍ट्र सरकार संपर्क नही रख रही है. “लगातार इस समय में शरद जी के साथ मेरा संपर्क बना रहा है, जब बंगाल के श्रमिक बांद्रा पहुँच गये तब हमनें जल्द से जल्द ट्रेन की व्यवस्था कराई लेकिन बंगाल की सरकार श्रमिकों को वापिस बुलाने को लेकर राज़ी नही थी. मैने शरद जी की मदद ली और उन्होने ही बंगाल की साकार से बात कर के मामला सुलझाया.”

मज़दूरों को लेकर चूक पर पर सब चिंतित हैं. लेकिन क्या केंद्र सरकार अपनी ताक़त का इस्तेमाल कर के मज़दूरों को नही बुला सकती? इस पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा की संघीय ढाँचे में राज्य सरकार को ही निर्णय लेना होगा और केंद्र सरकार को बताना होगा की उनसे नही सम्भल रहा और उन्हे मदद की ज़रूरत है. देश भर में रेलवे 700 ज़िलों से ट्रेन चलाने को तैयार है.