केन्द्रीय जेल में पहुंचा कोरोना, तेजी से बढ़ सकती है मरीजों की सं या

May 26 2020

ग्वालियर। केन्द्रीय जेल में कोरोना का एक मरीज मिलने से जेल प्रंबंधन, पुलिस और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जेल की बैरकों में जिस तरह बंदियों को रखा जाता है, उससे आशंका है कि जेल में और मरीज मिलेंगे। यहां पर संक्रमण फैलने से और मरीज मिल सकते है। एहतियात के चलते मेडिकल टीम भी जेल में संक्रमित मरीज के मिलने का पता चलते ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग की तैयारी में जुट गई है। 
मांडरे की माता मंदिर के पास रहने वाला प्रदीप (34) पुत्र दीपक झुग्गी झोपड़ी में रहता है और कबाड़ा बीनता है। कंपू थाना पुलिस ने 23 मई को उसे छेड़छाड़ के आरोप में पकड़ा था और हिरासत में लेने के बाद न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने के बाद जेल प्रबंधन ने प्रदीप के साथ ही चार अन्य बंदियों के सैंपल कराए थे, जिसमें उसके कोरोना पॉजीटिव होने की पुष्टि हुई। 
जेल में अभी 61 संदिग्ध
जेल में कोरोना संक्रमित पाए गए प्रदीप के साथ 61 अन्य बंदी भी रह रहे थे। अब जेल प्रबंधन पता लगा रहा है कि संक्रमित बंदी के संपर्क में अन्य बंदी या प्रहरी तो नहीं आए। इसके लिए जेल प्रबंधन ने एक टीम बनाई है जो बंदियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि उनके संपर्क में कोई और तो नहीं आया। 
ट्रेवल हिस्ट्री नहीं यह डर का कारण
संक्रमित मरीज के बारे में पता चला है कि वह कबाड़ा बीनता था और वह ना तो शहर से बाहर गया और ना ही बाहर से आने वालों के संपर्क में आया है। अब प्रशासन की टीम उन इलाकों का पता लगा रही है, जहां से यह कबाड़ा बीनता था और उन इलाकों की भी स्क्रीनिंग कराई जाएगी। 
बदनापुरा से ट्रांसपोर्ट नगर तक अलर्ट
बदनापुरा में आठ संक्रमित मरीज मिलने के बाद प्रशासन ने बदनापुरा से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर तक को अलर्ट पर रखा है, क्योंकि बदनापुरा इलाके से कुछ लोग काम करने के लिए फू्रट मण्डी तथा ट्रांसपोर्ट नगर जाते हैं, वहीं यह भी पता चला है कि कुछ ट्रक ड्राइवरों का भी बदनापुरा आना जाना है। 
यह भी हुए क्वारेंटाइन
छेड़छाड़ के आरोपी को पकडऩे तथा जेल पहुंचाने वाले पुलिसकर्मियों को भी क्वारेंटाइन किया जाएगा। क्वारेंटाइन किए जाने वाले पुलिसकर्मियों में सब इंस्पेक्टर सोनम रघुवंशी, आरक्षक सुनील भाटिया, श्रीनिवास कुशवाह, अजय विश्नोई, वीरेन्द्र, अशोक कंषाना को क्वारेंटाइन किया गया है। इसके साथ ही डायरी तथा अन्य दस्तावेज में मदद करने वाले प्रधान आरक्षक रामकुमार शुक्ला को भी होम क्वारेंटाइन कराने के निर्देश दिए है।