लक्ष्मीगंज में विद्युत शवदाह गृह शुरू, नि:शुल्क रहेगी शहरवासियों के लिए सेवा

May 23 2020

ग्वालियर। आज से इक्कतीस साल पहले 85 लाख रुपए की रकम खर्च कर लक्ष्मीगंज श्मशान घाट में नगर निगम द्वारा इलेक्ट्रिक विद्युत शवदाह गृह शुरु किया गया था। लेकिन हिन्दू रीति-रिवाज के चलते विद्युत शवदाह गृह का उपयोग शहरवासियों ने दाह संस्कार के लिए दस फीसदी ाी नहीं किया। उचित रखखराव नहीं होने के कारण पन्द्रह साल तक बिजली शवदाह गृह ताले में बंद रहा। आ िारकार कोरोना संक्रमण से हुई मौत का अंतिम संस्कार करने के लिए प्रशासन के निर्देश पर पन्द्रह साल बाद पुन: शुरु किया गया है।
पन्द्रह साल से ताले में बंद विद्युत शवदाह गृह को शहर में कोरोना संक्रमण से होने वाले मृतक के अंतिम संस्कार के लिए शुरु करा दिया गया है। जिले में कोरोना से पहली डेथ गंगाराम रोहिरा की हुई थी। उनका अंतिम संस्कार इस विद्युत शवदाह गृह में किया जाना था लेकिन उस दिन इस शवदाह गृह की भट्टी ठीक नहीं होने के कारण उनका अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से किया गया था। वहीं इस शवदाह गृह में पन्द्रह साल बाद पहला दाह संस्कार सड़क हादसे में चोटिल व कोरोना पॉजीटिव मिली सत्रह वर्षीय युवती का किया गया। इसके बाद दूसरा दाह संस्कार मंगलवार को शिकोहाबाद यूपी निवासी महिला का किया गया।
 विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार सुबह छह बजे से रात दस बजे तक की अवधि में किया जा सकता है। विद्युत शवदाह गृह के प्लांट संधारण व सुपरविजन के लिए इलेक्ट्रिशियन की तैनाती के साथ ही दाह संस्कार कार्य व अस्थि संचय के लिए दो निगम कर्मचारी विद्युत शवदाह गृह में उपस्थित रहेंगे। साथ ही श्मशान घाट पर ही मृत्यु प्रमाण हेतु रसीद काटने के लिए निगम कर्मचारी की भी तैनाती रहेगी।
नि:शुल्क रहेगी शहरवासियों के लिए सेवा
 विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार पूरी तरह से शहरवासियों के लिए नि:शुल्क रखा गया है। यहां अंतिम संस्कार करने पहुंचने वाले परिजनों को स्टॉफ द्वारा तैयारी किए जाने के चलते बीस मिनट इंतजार करना होगा। अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया नगर निगम द्वारा फ्री उपलब्ध कराई गई है।