संकल्प समूह ने श्रमिकों का बीड़ा उठाया

May 23 2020

ग्वालियर। हम कुछ दिन पहले पुरानी छावनी स्टोन पार्क में बसे हुए 2000 मजदूर जो अब कोरोना के कारण अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं मजदूर को  लॉक डाउन के समय ही हम थोड़े से लोगों के लिए आटा और तेल मसाला देने गए तब वहां थोड़ी सी सामग्री कम रह गई। आधे लोग भूख से बिलबिला रहे थे हाथ पसारते हुए हमारे सामने रो पड़े हमें भी बहुत बुरा लगा हम थोड़े ही लोगों को सामान देकर वहां उनके दुख को देखकर व्यथित होकर वापस आ गए रात भर मुझे अच्छा नहीं लगा हमने कुछ सामाजिक संस्थाओं से पर्सनल व व्हाट्सएप ग्रुप पर अपने लोगों को मैसेज किया उसी को देखकर। संकल्प समूह सबसे पहले सहयोग के लिए आगे आया और संकल्प समूह एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर ढाई सौ मजदूरों को  खाद्य सामग्री वितरित की वहां पर रह रहे राकेश मिस्त्री का बखूबी रोल रहा सब लोगों की हालांकि खुद भी मजदूर है फिर भी उसने ढाई सौ लोगों की पर्ची बनाई और प्रत्येक  मजदूरों की पर्ची हाथ में लेता गया और संकल्प समूह व उनकी सहयोगी संस्थाओं ने प्रत्येक घर के एक एक व्यक्ति को व्यक्ति को आटा, दाल, चावल और  तेल यह चार-चार चीजें प्रत्येक व्यक्ति को वितरित किया । इसके बावजूद भी हमें संतुष्टि नहीं हुई है क्योंकि ढाई सौ मजदूरों को देने के बावजूद भी वहां पर अभी भी हाथ पसारे भूख से बिलबिलाते  मजदूर उनके मासूम बच्चे व परिवार अभी भी भूखे रह गए हैं यदि वहां पर सरकारी सहायता व अन्य सामाजिक संस्थाएं मिलकर पूरे  दो ढाई हजार मजदूरों को सहयोग करें तो  उन्हें राहत मिल सकती है। हम उन्हें आस बंधा आए हैं कि अभी और भी लोग आप सब लोगों की सहायता करने आएंगे उनके पास काम नहीं है क्योंकि मकान का काम इस समय कोई नहीं करा रहा है और उन्हें केवल गिट्टी पत्थर ढोना और सीमेंट बजरी का ही काम आता है हमने मजदूरों से पूछा यहां पर कोई सहायता तुम लोगों को पहुंचाने आ रहे हैं उनका कहना था आते हैं लेकिन सबके लिए प्रॉपर नहीं हो पा रहा है कुछ कुछ सहायता हो जाती है कुछ वैसे ही रह जाते हैं। यही वह समय है जब हम इंसान दूसरे इंसान के काम आए  कोई  भूखा ना रह पाए यह सोच लेकर अन्न दान सबसे बड़ा दान है।
इस पुनीत कार्य में संकल्प समूह के साथ सहयोगी संस्था महिला शांति सेना, गार्डन होम कैंपस, अनुभा ठाकुर, विकास हरलालका, मेघा साहनी एवं उनकी टीम तथा शांता बनर्जी, डॉ रमेश शर्मा, इंदिरा मंगल, ड्राइवर हुकुम सिंह, चित्रा, रूपम राठी तथा रितिका बुटीक का स्टाफ विशेष रुप से सहयोगी बनकर बांटने गए। बच्चों को हमने मास्क एवं टॉफिया भी बाटीं।