महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, लगाई वट वृक्ष की परिक्रमा

May 22 2020

 ग्वालियर। सुहाग की दीर्घायु के लिए हुई बट वृक्ष की पूजा कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉक डाउन है साथी आज महिलाएं वट सावित्री का व्रत रखते हुए सुहाग की दीर्घायु के लिए पूजा अर्चना की पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए आज सुहागिन महिलाएं बट सावित्री व्रत रखा इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए सत्यवान सावित्री और यमराज की पूजा करती हैं साथ ही बड वृक्ष के चारों ओर रक्षा सूत्र बांधकर पानी चढ़ाते हैं कोरोना महामारी के कारण देश में लोग डाउन है जिसके कारण सभी धार्मिक स्थल मंदिर आदि बंद है वही वटवृक्ष अधिकांश मंदिरों में ही लगे हैं वहीं कई महिलाओं ने वटवृक्ष के स्थान पर तुलसी की पूजा की वट वृक्ष पर जल, अक्षत, धूपबत्ती, दीया, कुमकुम और फूल चढ़ाया जाता है और उसके बाद महिला पेड़ के इर्द-गिर्द लाल या पीले रंग का धागा बांधती हैं। मंत्रों के उच्चारण के साथ वृक्ष की परिक्रमा के बाद यह समाप्त होता है। यह चार दिनों का व्रत होता है, जिसमें पहले तीन दिन फल खाया जाता है  चौथे दिन चांद को जल चढ़ाया जाता है; महिलायें अपना व्रत खोलती हैं और एक साथ मिलकर सावित्री की पूजा करती हैं और सावित्री तथा सत्यवान की कथा सुनती हैं।  
इसलिए रखा जाता है वट सावित्री व्रत
मान्यता है कि इस दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान के जीवन के लिए व्रत रखा था और यमराज से वरदान प्राप्त कर अपने पति के प्राण वापस लाई थी। इसलिए पति की रक्षा के लिए महिलाएं इस दिन उपवास रखती हैं।