गृहस्थी के सामान की हुई खरीदारी

May 22 2020

ग्वालियर। ऑड-ईवन प्रणाली से शहर में दुकानें खोलने की परमीशन के बाद पूरे साठ दिन बाद मुस्कराया, वहीं  शुक्रवार को दूसरे दिन भी दुकानदार समय से पहले ही दुकानों पर पहुंच गए और ताले खोलने के साथ साफ-सफाई शुरु कर बिक्री शुरु कर दी। अधिकांश बाजारों में दुकानदारों को ग्रहकों का ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा, बल्कि शटर अप करने के बाद ग्राहकों की अच्छी भीड़ जुटने लगी, जिससे दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक दिखी लोग अपनी जरूरत का सामान खरीदने के लिए पहुंचते रहे। सुबह से ही ज्यादा बीड़ होने के पीछे एक बड़ा कारण सूरज के तेवर भी हैं। बीते दो दिन से धूप बेहद तेज हुई है, ऐसे में लोग ठंडे-ठंडे में ही खरीदारी कर लेना चाहते हैं। भले ही दुकानें शाम सात बजे तक खोलने की छूट दी गई है, लेकिन छह बजे से ही दुकानदार सामान समेटने लग जाते हैं, क्योंकि उन्हे हर हाल में सात बजे तक शटर डाउन कर देना पड़ता है।                  
सबसे अधिक रेडीमेड कपड़े वालों के यहां भीड़
सबसे अधिक भीड़ रेडीमेड कपड़ों की दुकानों और शोरूम पर उमड़ रही है। चूंकि ईद में अब मात्र दो दिन का सामय शेष है ऐसे में दर्जी की दुकानें तो खुली हैं, लेकिन वह इतनी जल्दी कपड़े तैयार कर देने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में लोग रेडीमेड कपड़े खरीद रहे हैं। इसके चलते बाड़ा स्थित नजरबाग मार्केट में सबसे अधिक भीड़ दिख रही है। यहां कपड़े शोरूम की अपेक्षा सस्ते भी मिलते हैं, ऐसे में लोग यहां से कपड़े खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही परदे और चादरों की बिक्री भी खूब हो रही है। त्योहार के चलते लोग इन्हे खरीद रहे हैं। यही नहीं बाड़े पर एक बार फिर फुटपाथिया बाजार सज गया है, वहीं कपड़ों के ठेले भी लग गए हैं, इनका भी धंधा खूब चल रहा है।                    
कपड़ा मार्केट सूना
इधर कपड़ा मार्केट लगभग सूनी दिखाई दे रहीं हैं। गांधी मार्केट, हेमराज क्लॉथ मार्केट, दही मंडी, टोपी बाजार, माधवगंज, दौलतगंज, सरफा बाजार, खासगी बाजार सहित शहर की अन्य कपड़ा मार्केट में गहमा गहमी नहीं है और दुकानदारों को यहां ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। चूंकि इस समय सहालग भी बंद हो गए हैं, जिससे लोग कपड़ा नहीं खरीद रहे हैं। वहीं रेडीमेड के बड़े शोरूमों पर भी खामोशी है, विवाह आदि टल जाने के कारण लोग सूट, शेरवानी आादि खरीदने नहीं पहुंच रहे हैं।                  
सराफा बाजार भी खाली
आम दिनों में भी सराफा बाजार में गहमा गहमी सहालग के दिनों में ही ज्यादा दिखाई देती है, चूंकि कई शादियां लॉकडाउन के चलते कैंसल हो गईं और अब यह नई तारीख निकलवाएंगे, वहीं नए विवाह भी इस सीजन में होते नहीं दिख रहे, ऐसे में साठ दिन बाद भले ही यह बाजार खुल गया है, लेकिन खरीदारों का टोटा है। सोने के दामों में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी के चलते सामन्य रूप से जेवर बनवाने वाले परहेज कर रहे हैं। शुक्रवार को तो  यहां कई दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हुई थी।                  
सैलून तो खुले, पर ग्राहक कम
कुछ शर्तों के साथ आज शुक्रवार से सैलून और ब्यूटी पार्लर खोलने की परमीशन प्रशासन ने दे दी है। लेकिन आज अधिकांश दुकानें तो बंद रहीं, वहीं जो सैलून खुले हैं वहां भी ज्यादा ग्राहक नहीं पहुंच रहे। शायद उन्हे संक्रमण का डर है। वहीं प्रशासन द्वारा जो नियम जारी किए गए हैं, उन्हे लेकर सैलून चलाने वालों का कहना है कि वह इतना सामान ग्राहक पर खर्च तो कर देंगे, लेकिन लोग पैसा देने को तैयार नहीं।
परमीशन नहीं फिर भी बेच रहे
इधर केवल मिठाई की दुकानों और होटलों को होम डिलीवरी या पैकिंग कर सामान बेचने की छूट दी गई है, लेकिन इस नियम का पलन कहीं दिखाई नहीं दे रहा, बल्कि यह दुकान पर ही खड़ा कर लोगों को मिठाई व व्यंजनों का स्वाद परोसने में नहीं चूक रहे। मिठाई की आड़ में अधिकांश हलवाई नाश्ते का सामान मसलन कचौड़ी, समोसे, बेड़ई, पकोड़ी सहित कई अन्य आयटम बेच रहे हैं।                   
अंडरगारमेंट्स वालों को नहीं फुर्सत
अंडर गारमेंट्स वालों की जरूर उचटकर लगी है। इन्हें सुबह से सुस्ताने तक की फुर्सत नहीं मिल रही, बल्कि हालात यह हैं कि वह मांग अनुसार पूर्ति नहीं कर पा रहे। लॉकडाउन के चलते वह माल मंगा नहीं सके और अब भी उन्हे डर लग रहा है कि कहीं फिर कोई दिक्कत न आ जाए, वरना माल रखा रह जाएगा, हालांकि कुछ ने ऑर्डर दे दिए हैं, लेकिन माल आने में समय लगेगा।