जेल में हो रहा सोशल डिस्टेंस व मास्क का पालन

May 21 2020

ग्वालियर। कोरोना महामारी के इस दौर में जेल में बंद बंदियों ने पढ़े-लिखे समाज को भी आईना दिखाया है। जो नियमों और कानून को तोड़कर सजा काट रहे हैं वो अभी सोशल डिस्टेंस, मास्क के नियम ईमानदारी से निभा रहे हैं। जबकि इसके विपरीत शहर की सड़कों, बाजारों में ये नियम हर दूसरा व्यक्ति तोड़ता नजर आ रहा है।
वैश्विक महामारी कोरोना को रोकने लॉकडाउन-4.0 लागू है। करीब 58 दिन लॉकडाउन के निकल गए हैं, पर शहर में लोग आज भी इस महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कोरोना से दहशत में तो हंै, लेकिन जब बाजार, सड़कों पर निकलते हैं तो बेपरवाह होकर। पिछले कुछ दिनों बैंक के बाहर, राशन दुकानों के बाहर, दाल बाजार आदि जगह पर मास्क और सोशल डिस्टेंस के नियम तार-तार होते हुए रोज देखे होंगे। पर इसके दूसरी ओर बात करते हैं ग्वालियर सेंट्रल जेल की। यहां करीब 3 हजार बंदी हैं। सामूहिक रूप से रहते हैं पर मास्क और डिस्टेंस का पूरा पालन होता है। खाने की लाइन, नहाने की लाइन सभी जगह निर्धारित दूरी बनाकर रखते हैं। 
600 बंदी की पेरोल बढ़ाई
कोरोना महामारी को देखते हुए केन्द्रीय जेल में बंद 600 बंदियों को डेढ़ माह पूर्व पैरोल पर छोड़ा गया था, जिससे जेल में सजा काट रहे बंदियों में सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके और बंदी वैश्विक महामारी की चपेट में ना आने पाएं। बैरक में भी बंदियों के बीच सोशल डिस्टेंस का पालन हो इसके लिए प्रहरी सजग रहते हैं। 
यह होती है पैरोल
मान लीजिये किसी आरोपी को दस साल की सजा सुनाई गई है और वह जेल मेें सजा काट रहा है और उसकी सजा की अवधि पूरी नहीं हुई है। उस दोषी की सजा की अवधि पूरी न हुई हो या सजा की अवधि समाप्त होने से पहले उस व्यक्ति को अस्थायी रूप से जेल से रिहा कर देना पैरोल कहलाता है। यह पैरोल बंदी के अच्छे आचरण को देखते हुए दी जाती है। पैरोल लंबी सजा मिलने वाले बंदियों को मिलती है। पैरोल खत्म होने के बाद बंदी को वापस जेल जाना पड़ता है। 
संक्रमण से बचाने के लिए पैरोल पर छोड़े गए 600 बंदियों के बाद अब भी केन्द्रीय जेल में 2876 बंदी हैं, जिसमें करीब आधा सैकड़ा के लगभग महिला बंदी हैं। 
जेल में बंदी संक्रमण का शिकार ना हों, इसके लिए हर बैरक के बाहर सेनेटाइजर रखवाए गए हैं और नहाने के स्थान से लेकर खाने के लिए लगनी वाली लाइन के लिए भी सोशल डिस्टेंस के लिए गोले बनवाए गए हैं और साफ ताकीद किया गया है कि जिसने भी नियम तोड़ा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।