दो माह बाद उठे शटर, बाजारों में रही रौनक

May 21 2020

ग्वालियर। समय सबसे बड़ा बलवान होता है। समय अगर खराब हो तो राजा को रंक बना देता है और अच्छा हो तो ऊंचाइयों पर पहुंचा देता है। समय के साथ ही जिंदगी का पहिया पिछले 60 दिन से थमा हुआ है और अर्थ व्यवस्था पूरी तरह से दुकानों के शटर डाउन रहने से चरमरा गई है। हर रोज अरबों रुपए का कारोबार शहर में होता है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते शटर डाउन रहने से यह कारोबार थम गया था और जो पूंजी घर में थी उसे लोग अपनी जरूरत के लिए खर्च करते हुए दिखाई दिए थे। कोरोना महामारी के चलते राहत मिलते ही समय के साथ अर्थव्यवस्था का पहिया एक बार फिर आज से घूमने लगा है और गुरुवार सुबह से ही दुकानों के शटर खुले हुए हैं तो ग्राहक भी खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं।
कोरोना लॉकडाउन-4 में मिली छूट के पहले दिन बाजार में अच्छी रौनक रही। 60 दिन बाद खुले बाजार में लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन कर खरीदारी की। होम डिलीवरी के कारण किराना दुकानों पर भीड़ कम रही लेकिन लोगों ने कूलर, पंखे, एसी, मोबाइल और कपड़ों की जमकर खरीदारी हुई। जनरल स्टोर्स पर भी महिलाओं ने शृंगार का सामान खरीदा। व्यापारियों के मुताबिक लॉकडाउन में छूट के पहले दिन खरीदी अच्छी हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार अगर इसी तरह खुलते रहे तो कारोबार में चमक आएगी। कारोबारियों का कहना है कि सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जा रहा है।                  
ग्राहकों के पहुंचने से दुकानदारों के चेहरे खिले             
ईद का त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजार में पहले दिन ही रौनक दिखाई  दी। गुरुवार सुबह जैसे ही कपड़ों की दुकानों के शटर खुले तो लोगों ने जरूरत के अनुसार कपड़े ले रहे हैं। महिलाओं ने साडिय़ों और बच्चों के लिए समर क्लॉथ की खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारियों ने े बताया कि लॉकडाउन में बाजार पहली बार खुला इस हिसाब से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
चश्मे खरीदने पहुंचे लोग  
लॉकडाउन के चलते चश्मे की दुकानों को राहत बीच में दी गई थी और दुकानों के शटर खुले थे, लेकिन इसके बाद इन्हें डाउन करा दिया गया। गुरुवार को ऑप्टिकल शॉप पर भी काफी लोग चश्मे खरीदने पहुंच रहे हैं। गर्मी के मौसम के लिए चश्मे की जरूरत है। कई लोगों ने चश्मे बनने के लिए दिए थे वह भी आज उठाने के लिए पहुंच रहे हैं।
एसी, कूलर और पंखे : लॉकडाउन में कूलर, पंखे सुधरवाने के लिए लोग काफी परेशान हुए। प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रोनिक उपकरणों को सुधारने के लिए होम डिलेवरी को कहा गया है लेकिन आज कई लोग दुकान खोलकर इन्हें सुधार रहे हैं। इलेक्ट्रोनिक कारोबारियों का कहना है कि सुबह ग्राहक आ रहे हैं। इस सीजन में एसी, फ्रिज की बिक्री होने की उ मीद ज्यादा है।
मोबाइल शॉप्स : बाजार खुलने के पहले दिन मोबाइल की बिक्री हो रही है। मोबाइल विक्रेता ऋषि गोडय़ाला ने बताया कि कई लोग मोबाइल सुधरवाने के लिए पहुंच रहे हैं, क्योंकि लॉकडाउन के चलते शटर डाउन थे और पहली बार शटर खुले हैं, लेकिन समस्या यह आ रही है कि बाजार में एसेसरी की कमी है जिससे ग्राहकों को आगे का समय देकर लौटाया जा रहा है।                     
बाइक सर्विस : वाहनों की सर्विस कराने के लिए बीच में राहत दी गई थी, लेकिन कई लोग अपने वाहनों की सर्विस नहीं करा पाए थे, व्यापार मेले में इस बार सबसे ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई थी। गुरुवार को जैसे ही वाहनों के शोरूम खुले तो सर्विस कराने के लिए लोग पहुंचे और कतार लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। समिधा ऑटोमोबाइल के मैनेजर गौरव अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार को सबसे ज्यादा दुपहिया वाहनों की सर्विस हो रही है और सुबह शोरूम खुलने से पहले ही ग्राहक आ गए थे।                    
 बाजार में लगी रही भीड़
अधिकांश दुकानों के शटर पूरे लॉकडाउन के दौरान नहीं खुले थे, जिससे शहर के प्रमुख बाजार और मार्केटों में सन्नाटा था। कपड़ा कारोबारी और रेडीमेड कारोबारियों को चार घंटे की राहत दी गई थी और उसके बाद शटर डाउन हो गए थे, व्यापारी हर रोज दुकान खुलने की आस में पहुंच तो रहे थे, लेकिन शटर नहीं उठने से वापस लौटना पड़ रहा था। आज सुबह छह बजते ही यह कारोबारी अपना कारोबार करने के लिए पहुंचे, लेकिन गफलत में रहे कि किस साइड के शटर खुलेंगे। पुलिस अफसरों व यूनियन के अध्यक्षों से चर्चा करने के बाद सभी दुकानों के शटर उठ गए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए कारोबारी कारोबार कर रहे हैं। लगभग 59 दिन बाद बाजारों में अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही थी।
सोना-चांदी कारोबारी करते रहे इंतजार
सोना-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों के शटर तो उठे हैं, लेकिन ग्राहकी नहीं होने से इन्हें मायूस होना पड़ रहा है। लॉकडाउन के चलते जमा पूंजी खत्म हो गई है और सोना- चांदी खरीदने के लिए लोगों पर अभी पैसा नहीं है, इसके अलावा सोने और चांदी के दाम भी महंगे हैं, जिसके चलते बिक्री नहीं है। जिन लोगों ने पहले बुकिंग करा रखी थी वह भी डिलेवरी लेने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।                  
इनका भी चमका कारोबार
हलवाइयों की दुकानों के शटर डाउन थे और गुरुवार को शटर खुलने के साथ ही दुकानदारों ने साफ-सफाई करने के बाद मिठाई बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि व्यापारियों से कहा गया है कि वह दुकान में खड़े होकर मिठाई खिला नहीं सकते हैं। जिसके चलते दुकानदार भी ग्राहकों को तुरंत ही पैकिंग करके दे रहे हैं और होम डिलेवरी के माध्यम से घर-घर पहुंचा रहे हैं। हलवाइयों के साथ-साथ मावा कारोबारियों के शटर भी उठ गए हैं।
इनके रहे शटर डाउन : आज भले ही दुकानों के शटर खुल गए हैं और हलवाइयों को दुकान खुलने की अनुमति मिल गई है लेकिन समौसे- कचौड़ी और चाय बेचने वाले दुकानदारों के शटर गिरे हुए हैं। सुबह इन्होने उठाए तो पुलिस ने इन्हें गिरवा दिया।