थर्मल गन पर भारी पड़ रही बुखार की गोली

May 19 2020

ग्वालियर। देश के रेड जोन इलाक ों से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर पहुंच रहे मजदूर व उनके परिजन बुखार में ली जाने वाली पैरासिटामोल टेबलेट खकर सफर कर गंतव्य स्टेशन पर होने वाली जांच के लिए उपयोग की जाने वाली थर्मल गन को गच्चा दे रहे हैं। इस बात का खुलासा श्रमिक स्पेशल ट्रेन के कोचों में मिले दवाइयों के खाली रैपर से हुआ है। मजदूरों द्वारा कोरोना के लक्षण छिपाए जाने से उनके संबंधित गांव व कस्बों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। जबकि प्रशासन व स्वास्थ्य अमला पूरी तरह से इस बात को लेकर अनभिज्ञ है।
दरअसल अंचल में रहने वाले हजारों प्रवासी मजदूर जो कि अपने परिवारों के साथ रोजीरोटी कमाने गुजरात, राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक, केरला सहित हरियाणा व अन्य प्रदेशो में परिवार सहित जाकर कामध्ंाधा कर रहे थे। लेकिन मार्च महीने में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन शुरु होने के बाद ये हजारों प्रवासी कामंधधा बंद होने के कारण बेरोजगार हो गए थे। फैक्ट्री से लेकर बाजार तक बंद होने के कारण ये सभी प्रवासी मजदूर अपने-अपने गांव केन्द्र सरकार द्वारा शुरु की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से वापस अपने घरों को लौट रहे हंै।                    
8 हजार मजदूर आए, एक भी बीमार नहीं
ग्वालियर स्टेशन पर आठ मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का देश के कई प्रदेशों से आना लगातार जारी है। अभी तक ग्वालियर पहुंची तेरह श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से लगभग आठ हजार अंचल में रहने वाले प्रवासी मजदूर अपने परिवार के साथ वापस लौट चुके हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ग्वालियर पहुंचे इन मजदूरों में एक ाी मजदूर थर्मल स्क्रीनिंग जांच के दौरान बीमार नहीं मिले हैं। केवल अभी तक दो बच्चों का ही तापमान हल्का बढ़ा मिला है। आरपीएफ स्क्वाड को किया अलर्ट मजदूरों द्वारा सफर के दौरान बुखार छिपाने के लिए पैरासिटामोल व क्रोसिन टेबलेट का उपयोग करने का पता चलने के बाद इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वाले आरपीएफ के जवानों को सफर के दौरान मजदूरों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सफर के दौरान यदि कोई श्रमिक दवा का सेवन करता मिलेगा तो उस मजदूर का नाम व पता लेने के साथ ही संबंधित स्टेशन पहुंचने पर डॉक्टरी परीक्षण विशेष तौर पर कराया जाएगा।                     
लक्षण छिपाने अपनाया तरीका
मजदूरों को डर है कि स्टेशन पर हो रही थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान कोरोना के लक्षण कहीं जांच के दौरान सामने नहीं आ जाएं इससे बचने के लिए ये मजदूर बुखार दबाने के लिए पैरासिटामोल टेबलेट का डोज सफर के दौरान हर छह घंटे व स्वस्थ दिखने के लिए मल्टीविटामिन टेबलेट व सीरप का उपयोग कर रहे हैं।
मजदूरों को भय है कि थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए जाने पर कहीं उन्हें क्वारेंटाइन नहीं कर दिया जाए। इस बात का खुलासा कोचों की सफाई के दौरान सफाई कर्मियों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन के हर कोच से पैरासिटामोल व क्रोसिन दवा के खाली रैपर मिले हैं। सफाई कर्मियों ने इन दवाओं के बारे में रेलवे कर्मियों को जानकारी दी उसके बाद इस बात का खुलासा हो सका है।