सफाई के नाम पर सजाई जूते चप्पलों की दुकानें

May 14 2020

ग्वालियर। लॉकडाउन के चलते जूतों की दुकानों में रखे माल में फफूंद और दीमक लगने लगी, जिसे सुरक्षित रखने के लिए दुकानों को शटर उठाने की अनुमति प्रशासन ने दी, लेकिन दुकानदारों ने साफ-सफाई करने के साथ कारोबार करने के लिए अपनी दुकानों को ही सजा लिया। हालांकि व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया लेकिन कुछ दुकानदार अपनी मनमानी करते देखे गए, तो पदाधिकारी भी शांत होकर बैठ गए।
लॉकडाउन के चलते लगभग 2 माह से दुकानों के शटर डाउन पड़े हैं और यह शटर अब तक नहीं उठे थे, जिससे दुकानों में रखे माल में फफूंद और दीमक लगने लगी थी तो चूहे भी नुकसान पहुंचा रहे थे। व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से मांग की थी कि उन्हें सफाई और माल की देखरेख के लिए शटर उठाने की अनुमति दी जाए जिससे प्रशासन ने 4 घंटे का समय दिया है, लेकिन कई जूता कारोबारियों ने साफ-सफाई करने के साथ-साथ व्यापार करने के लिए अपनी दुकानों को ही सजा लिया।
गुरुवार को फुटवियर (जूता-चप्पल) की दुकान लगाने वालों को शटर उठाने की अनुमति 52 दिन बाद जिला प्रशासन ने सिर्फ सफाई करने के लिए दी है और आदेश दिया कि वह व्यापार नहीं करेंगे, लेकिन महाराज बाड़े के पास स्थित टोपी बाजार में सुबह 8 बजे से पहले ही व्यापारी एकत्रित होना शुरू हो गए और शटरों को उठाना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने दुकान में जमीं धूल, मिट्टी को साफ करने के साथ-साथ शोकेस में जमे जूते-चप्पलों को हटाकर साफ किया इसके अलावा कई जूतों पर दीमक लग गई जिसे साफ करने में जुटे हुए हैं। टोपी बाजार में सुबह से ही अच्छी खासी भीड़ नजर आई और कुछ दुकानदारों ने तो व्यापार करने के लिए अपनी दुकानें सजा लीं। व्यापार संघ के पदाधिकारी संदीप वैश्य व ऋषि कुमार ने इन जूता कारोबारियों से आह्वान किया कि वह दुकानों को सजाने के बजाए सिर्फ साफ-सफाई कर शटर डाउन कर दें लेकिन इसका असर दुकानदारों पर नहीं हुआ। 
इसलिए भी रही टोपी बाजार में भीड़
टोपी बाजार में जूता कारोबारियों ने अपनी दुकानों के शटर उठाने के साथ-साथ सफाई का काम शुरू कर दिया, इस बाजार में लगभग 2 दर्जन से ज्यादा जूतों की दुकानें बनी हुई हैं, एक साथ इतनी दुकानें खुलने से भीड़ रहीं तो कुछ मोबाइल कारोबारी व कपड़ा कारोबारी भी दुकानों के बाहर बैठकर ग्राहकों का इंतजार करते देखे गए। महाराज बाड़े पर मजदूरी करने वाले मजदूरों को पुलिस ने टॉउनहॉल से हड़काया तो यह भी टोपी बाजार में जाकर बैठ गए, जिससे भीड़ दिखाई दे रही थी।
आज खुलेंगे इन दुकानों के शटर
लॉकडाउन 3 खत्म होने से पहले कारोबारियों को राहत दी गई है और सफाई करने के लिए 4 घंटे का समय प्रशासन ने दिया है। बीते रोज सोना-चांदी कारोबारियों के शटर खुलवाए गए थे तो गुरुवार को जूता कारोबारियों को राहत मिली। आज शुक्रवार को कपड़ा कारोबारियों को समय दिया गया है और 16 मई को रेडिमेट कारोबारियों के शटर उठेंगे।  
खूब बिक रहे कपड़े
कपड़ा कारोबारियों को  शुक्रवार को सफाई की परमिशन दी गई है लेकिन कई कारोबारी अपनी दुकानों के शटर डाउन कर कारोबार कर रहे हैं। दही मंडी, चेलाजी की अखाड़ा, गांधी मार्केट, नया बाजार, नजरबाग व सुभाष मार्केट सहित कई जगह कपड़ा व प्लास्टिक का सामान बेचने वाले कारोबारी दुकानों के बाहर बैठे रहते हैं और जैसे ही ग्राहक आता है तो शटर उठाकर सामान दे देते हैं और शटर को डाउन कर देते हैं। कारोबारियों का कहना है कि अगर कारोबार नहीं करेंगे तो परिवार को कैसे पालेंगे। 
आधा शटर उठाकर बेच रहे माल
इलेक्ट्रोनिक उपकरणों की होम डिलेवरी करने के आदेश दिए गए हैं और दुकान से सीधा माल नहीं बेच सकते हैं, लेकिन गुरुवार को डीडवाना ओली में कई दुकानों के शटर खुले और यह कारोबारी इलेक्ट्रोनिक उपकरणों का कारोबार कर रहे थे। गर्मी बढ़ते ही पंखे, कूलरों की मांग सबसे ज्यादा होती है कई लोग फ्रिज भी खरीद रहे हैं। इलेक्ट्रोनिक दुकानें खुलने की अनुमति नहीं है इसके बाद भी शटर उठे हुए हैं।
थोक कारोबारियों ने निकाला माल
जूते-चप्पलों का थोक कारोबार करने वालों ने शटर उठने के साथ ही उन दुकानदारों को माल पहुंचाना शुरू कर दिया जिनका ऑर्डर पहले से लदा हुआ था और लॉकडाउन के चलते फंसा पड़ा था। ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टरों के यहां माल पहुंचाने के लिए सुबह से ही लोडिंग वाहन खड़े हो गए और व्यापारियों ने माल की पैकिंग कर लोडिंग वाहनों में लाद दिया।