बिकी किताबें-कॉपी और कपड़े वालों ने 46 दिन बाद उठाए शटर
May 07 2020
ग्वालियर। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है लेकिन कॉपी-किताब नहीं मिलने के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और वह दुकानें खुलने की आस लगाए बैठे थे। गुरुवार जैसे ही दुकानों के शटर उठे तो खरीदारी करने के लिए बच्चे अपने अभिभावकों के साथ किताबों की दुकानों पर पहुंच गए।
गुरुवार को जिला प्रशासन ने कई व्यापारियों को राहत दी है जिसके चलते सुबह होते ही यह कारोबारी अपनी दुकानों पर पहुंच गए और सबसे पहले शटर पर जमी धूल साफ की और 46 दिन बाद तालों को खोलकर शटर उठाए।
प्रशासन द्वारा 46 दिन बाद कपड़ों की दुकानें, मटन की दुकान और किताब-कॉपी बेचने वालों को राहत दी है, जिसके चलते कारोबारियों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दी। सुबह 7 बजते ही चौपाटी के पास स्थित किताब मार्केट में कारोबारी पहुंचे और उन्होंने पिछले डेढ़ माह से दुकानों पर जमी धूल साफ की। इस दौरान ग्राहक भी खरीदारी करने पहुंचे लेकिन दुकानदारों ने उन्हें यह कहते हुए लौटाया कि 8 बजे के बाद आएं। व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर उठाने के बाद दुकान के अंदर जमी गंदगी को साफ कर गोले बनाए, इसके बाद कारोबार करना शुरू कर दिया।
कई दुकानों में 2 से 3 शटर हैं और यह दुकानदार अपनी दुकानों के शटर उठाने से भी कतरा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके इसके लिए किताब मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारी कमल राजवानी, गोपाल गुप्ता सहित सभी ने निर्णय लिया कि दुकान के एक-एक शटर उठाएंगे और गेट पर कर्मचारी तैनात किया गया है जो सिर्फ किताब-कॉपी खरीदने वाले एक ही व्यक्ति को जाने दे रहा है।
शहर में संचालित होने वाली स्टेशनरी की दुकानों को खोलने की अनुमति पहले ही दे दी गई थी लेकिन किताब मार्केट और जिला न्यायालय व पाटनकर चौराहे के आसपास की दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी गुरुवार को इन दुकानों को भी अनुमति मिल गई जिससे यह अपना कारोबार कर रहे हैं। पाटनकर चौराहे के आसपास की दुकानों पर कई निजी स्कूलों का कोर्स मिलता है।
नया बाजार में व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर उठाकर सफाई शुरू की। इस दौरान कुछ ग्राहक आए तो उन्हें माल देने से भी नहीं कतराए। प्रशासन द्वारा नया बाजार में कपड़ा कारोबारियों को सफाई करने की अनुमति दी गई है इसके लिए अलग-अलग पट्टी निर्धारित की हैं। सुबह बहादुरा हलवाई वाली लाइन की दुकानें खोली गईं और कपड़ा कारोबारियों ने दुकान की 46 दिन बाद शटर उठाकर सफाई की। इस दौरान कुछ ग्राहक भी आए तो उन्होंने व्यापार भी किया। बहादुरा हलवाई के सामने वाली लाइन के शटर कल खोले जाएंगे।
बिगड़ी गाड़ी सुधरने लगी तेजी से
ऑटो पाटर््स के शटर भी बंद थे और वाहन सुधारने वाले दुपहिया व चारपहिया वाहनों को चोरी छिपे सुधार रहे थे। पाटर््स नहीं मिलने के कारण वाहन सुधारने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने वाहनों के शोरूमों के ताले पहले ही खुलवा दिए हैं। गुरुवार सुबह शिंदे की छावनी कांग्रेस कार्यालय वाली लाइन में स्थित ऑटो पाटर््स बेचने वालों को दुकानें खोलने की अनुमति दी है जिसके चलते वह सुबह पहुंचे और सफाई करने के बाद कारोबार करने में जुट गए। आज कांग्रेस कार्यालय के सामनेवाली लाइन के शटर खुलेंगे और इनके शटर डाउन रहेंगे।
मीट विक्रेता दुकान खोलकर बैठे
मीट कारोबारियों ने अपनी दुकान के शटर उठा लिए और ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं गुरुवार को व्यापार कम होने के कारण इन दुकानदारों में मायूसी बनी है। प्रशासन ने बकरा मंडी खोलने की अनुमति भी दी है। मीट कारोबारियों का कहना है कि बकरे खरीदने के बाद ही वह अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा सुबह 7 बजे से 10 बजे तक मास, मछली की बिक्री करने की छूट दी है। मीट विक्रेताओं का कहना है कि रमजान के चलते भी कारोबार पहले दिन धीमा रहा।
दाल बाजार में भी हुआ व्यापार
दाल बाजार में गुुरुवार को थोक कारोबारियों ने अपनी दुकानों के शटर उठाए। सुबह 8 बजते ही कारोबार कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने शहरभर की किराने की दुकानें हर रोज खोलने की अनुमति दी है लेकिन दाल बाजार को दो भागों में बांटा है। यहां खेरिज और थोक की दुकानें खुलने के कारण जाम की स्थिति निर्मित हो रही थी जिसके चलते एडीएम किशोर कान्याल ने जारी किए गए आदेश में कहा है कि किराने की दुकानें अलग-अलग खुलेंगी। प्रशासन ने दाल बाजार में थोक किराने के लिए 7 मई को अनुमति देने के अलावा 9, 11, 13, 15 और 17 मई को दुकान खोलने के लिए कहा है जबकि खेरिज दुकानें 8, 10, 12, 14, 16 मई को खुलेंगी।
यह भी कर रहे हैं कारोबार
सेनेट्री की दुकानों पर भी आज कारोबार हो रहा है। प्रशासन द्वारा शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों को देखते हुए सेनेट्री की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई, इसके साथ स्टील, लोहा, सीमेंट की दुकानें भी खुली हुई हैं। सुबह पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भराने के लिए लोग इंतजार करते हुए देखे गए तो वहीं दूध की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ नजर आई। इसके अलावा इलेक्ट्रोनिक की दुकानों पर भी होम डिलेवरी हो रही है।
बैटरी सुधारने में जुटे कारीगर
बैटरी की दुकानें वैसे तो अधिकारिक रूप से बंद थीं लेकिन चोरी छिपे कारोबारी कारोबार कर रहे थे। प्रशासन द्वारा दुकानें खोलने की अनुमति मिलते ही इन दुकानदारों ने अपने शटर उठा लिए और कारोबार करने में जुट गए। बैटरी की दुकानों पर सबसे ज्यादा लोग बैटरी का पानी लेने पहुंचे, गर्मी के मौसम में जिन घरों में इनवर्टर लगे हैं उनकी बैटरी दुरुस्त करा रहे हैं। कारोबार भी इनकी बैटरी ठीक करने में लग गए।
सभी को मिल रही धीरे-धीरे राहत
लॉकडाउन के तीसरे चरण में व्यापारियों को राहत मिल रही है और कई कारोबारी अपना कारोबार करने में जुट गए हैं। लोहिया बाजार में सरियों से लेकर लोहे का सामान बेचने वालों के शटर उठे हुए हैं तो टोस्ट, बिस्कुट, पपड़ी बेचने वालों को भी एक घंटे की राहत और मिल गई है। अभी तक दूध, ब्रेड बेचने वालों को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक का समय दिया जाता था जिसे बढ़ाकर 10 बजे कर दिया गया है। इसी तरह सब्जी कारोबारियों व किराना कारोबारियों को दोपहर 2 बजे तक की जगह 3 बजे तक का समय दिया गया है।
इनको है इंतजार
शहर में रेडीमेट कपड़े का कारोबार करने वाले आस लगाए हैं। सोना-चांदी कारोबारी, बर्तन कारोबारी, हलवाई भी प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। जूते और मोबाइल के साथ-साथ श्रृंखला का सामान बेचने वाले और सेलून वाले भी कतार में हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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