अहसास संस्था में आए मूकबधिरों का हुआ स्वागत, घर पहुंचने की खुशी में छलके आंसू

May 05 2020

ग्वालियर। हरियाणा में रहकर अध्ययन करने वाले छात्रों की आंखों में उस समय आंसू निकल आए जब उन्हें इस महामारी के बीच सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए लेकर आया गया। जैसे ही हरियाणा रोडवेज की बस से यह छात्र उतरे तो इनका स्वागत सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, एडीएम किशोर कान्याल, जिला पंचायत शिवम वर्मा व महिला बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह के साथ-साथ अहसास संस्था के चेयरमैन आलोक ढींगरा ने किया।                  
 नोवेल कोरोना वायरस की महामारी के कारण मध्यप्रदेश के दिव्यांग मूकबधिर 24 लोग हरियाणा में फंसे थे, जिन्हें वापस हरियाणा सरकार की मदद से लाया गया। हरियाणा रोडवेज की बस से ग्वालियर स्थित दिव्यांग संस्थान अहसास में लाया गया। इन बच्चों को घर पहुंचाने के लिए 6 रूट बनाए गए हैं, जिन्हें बुधवार को भोजन कराने के बाद वाहनों से रवाना किया गया। यह निशक्त जबलपुर, कटनी, पन्ना, उमरिया, सीधी, रीवा, अशोकनगर, सागर, बैतूल, उज्जैन, बड़वानी और मुरैना के रहने वाले हैं जिन्हें 6 वाहनों से उनके घर भेजा जा रहा है।
घर वापसी हमेशा ही सुखद होती है। किसी भी परिस्थिति में घर वापसी का आनंद कम नहीं होता है। हरियाणा की बस से 24 मूकबधिर जब अहसास संस्था पर उतरे तो उनकी खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई दी। बोल और सुन न पाने के बावजूद भी वे सभी प्रसन्नचित थे और इशारे से अपनी खुशी का इजहार करते देखे गए। इस दौरान ज्यादातर मूकबधिरों ने अपने-अपने घर के परिजनों से वॉट्सएप कॉलिंग के माध्यम से इशारों में बात की।
शैलेन्द्र पाठक, अनिल साकेत, मुदित किंडो, संदीप सोनी, गोपाल प्रजापति, अमित कुमार पांडे, भूपेन्द्र पटेल, विपिन कुमार मिश्रा, देवराज, संजय सिंह, दयाराम, नीलेश विश्वकर्मा सहित कई लोग शामिल हैं।
अहसास संस्था में आए दिव्यांगों का पूरा ध्यान सरकारी मिशनरी के साथ-साथ संस्थान के पदाधिकारी रख रहे हैं। संस्था के आलोक ढींगरा ने बताया कि इन दिव्यांगों को रात में खिचड़ी दी गई थी और सुबह केले और पोहा का नाश्ता दिया गया। दिव्यांगजनों को घर भेजने की व्यवस्था शुरू हो गई है। अहसास संस्था के गिर्राज बंजारा भी इनकी सेवा में जुटे हैं और वह इनकी बातों को इशारों से समझकर फरमाइश पूरी कर रहे हैं।
हरियाणा से लाए गए दिव्यांगों में 3 मुरैना के हैं तो 4 ग्वालियर के हैं, जिन्हें वाहनों से घर भेजा गया है। इन चारों के परिजन भी पहुंचे और उन्होंने प्रशासन व संस्था का आभार भी माना है। नीतेश रेतीफाटक ग्वालियर का रहने वाला है और यह बोलने में सक्षम नहीं है, इसी तरह खासगी बाजार का नितिन है, मुकेश तेलंग भी खासगी बाजार का रहने वाला है।
मूकबधिरों की स्क्रीनिंग करने के साथ-साथ उनका मेडिकल चेकअप भी किया गया, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी हुई है, जिनमें डॉ. सुनील बुचके, जिला कार्यक्रम अधिकारी एमएस खान, स्टाफ नर्स प्रीति शाक्य, वर्षा प्रजापति शामिल हैं।  
सांसद एवं कलेक्टर ने बढ़ाया मनोबल
हरियाणा प्रदेश से ग्वालियर आए 24 दिव्यांगजनों के लिये ग्वालियर में सिटी सेंटर में संचालित अहसास दिव्यांग संस्था में सभी को ठहरने एवं मेडीकल चैकअप की व्यवस्थायें की गई। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर एवं कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने संस्था में दिव्यांगजनों का उत्साह बढ़ाया।