संसार में हर कोई दुखी, दुख का सामना करने से मिलेगा सुख-मुनिश्री

May 05 2020

ग्वालियर। हर आदमी दुखी है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। सुखी कोई नहीं है। लेकिन दुख का सामना करना होगा। उससे लडऩा होगा, तभी इंसान सुखी रह पाएगा।यह विचार राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने तानसेन नगर स्थित न्यू कालोनी ने धर्मचर्चा में व्यक्त किए। मुनिश्री विजयेश सागर महाराज भी मौजूद थे।
मुनिश्री ने कहाकि जीवन में खुशियां तभी आएगी, जब परिवार में सुखी है। परिवार सुखी रहेगा, तो समाज देश सुखी होगा। इस मंत्र को लोगों को समझना होगा। आज हर कोई कहता है कि वह दुखी है। संसार में कौन दुखी नहीं है। दुख का सामना करो, दुख का सामना तभी होगा। जब मनुष्य सुबह उठकर प्रार्थना करेगा। 
 मुनिश्री ने कहा कि अधिकतर मनुष्य कहते हैं कि उन्हें फुर्सत नहीं है। प्रभु का भजन करने की भी फुर्सत नहीं। ऐसे लोगों का बस नहीं चलता, नहीं तो मौत को भी कह देते, कि फुर्सत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बच्चों से दुखी है। कहते हैं कि बच्चे उनकी नहीं सुनते। जब तुमने उसे ऐसे संस्कार नहीं दिए, तो वह कहां से तु हारी बात सुनेंगे।
जैन मुनि ने कहा कि बच्चे को जन्म देना संपत्ति देना ही काफी नहीं है। सही मां बाप वहीं है, जो अपने बच्चों को संस्कार दें। बच्चों को ऐसे संस्कार दो कि वह संसार से प्यार करे। यही मां बाप का फर्ज है। संस्कार ऐसे हो कि विद्वानों की सभा में अग्रिम पंक्ति में उसे बैठने का अधिकार मिले। यदि ऐसे संस्कार दोगे, तो जीवन में सुख आएगा।
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज  कोरोना वायरस को हराने के लिए प्रतिदिन अनुष्ठान कर रहे है। इसी के दौरान आज मुनिश्री विहर्ष सागरजी ने विशेष मंत्रो का उच्चारण कर भगवन शांतिनाथ का अजय जैन व विजय जैन अमन जैन ने अभिषेक ओर शांतिधारा की।