स्मार्ट सिटी ने शुरु किया था साइकिल शेयरिंग कांसेप्ट, खराब हो रही लाखों की स्मार्ट साइकिल

May 01 2020

ग्वालियर। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से शहर में बीते साल चार सितंबर को शहरवासियों के लिए पब्लिक बाइक शेयरिंग (साइकिल) प्रोजेक्ट शुरु किया था। कुछ महीने किराए पर मिलने वाली यह साइकिलें शहरवासियों ने सड़कों पर खूब दौड़ाईं, इसके बाद लॉकडाउन जारी रहने के कारण स्टैंडों पर खड़ी यह साइकिलें मेंटेनेंस नहीं कराने के कारण खराब हो रही हैं।
शहर वासियों को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने शहर में पब्लिक बाइक शेयरिंग कांसेप्ट शुरु किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट सिटी ने पूरे शहर में 46 साइकिल स्टैण्ड के साथ ही साइकिल दौड़ाने के लिए छह किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक भी बनवाया था। शुरुआत में शहरवासियों ने साइकिल कांसेप्ट को हाथों हाथ लिया।                          
पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के तहत ग्वालियर स्मार्ट सिटी में थोड़ी-थोड़ी दूर जाने के लिए किराए के आधार पर चार प्लान ग्राहकों के लिए नियत किए गए थे, जिसके तहत याना-500 प्लान में पांच सौ रुपए का कार्ड बनता है जिसकी वैधता 180 की होती है। इस प्लान में प्रति 30 मिनट के लिए एक रुपए किराया लगता है। याना-250 की अवधि 90 दिन जिसमें किराया प्रति तीस मिनट 1.67 पैसा लगता है। इसी तरह दो अन्य और प्लान किराए पर साइकिल राइड करने वालों के लिए तय किए गए हैं।
शहर में पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना को सुचारू रुप से संचालित करने के लिए स्मार्ट सिटी कार्पोरशन ने इस प्रोजेक्ट के मेंटेनेंस व शेयरिंग का संचालन करने का ठेका टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के संचालक सौरभ जैन को दिया गया है। इन पब्लिक बाइक शेयरिंग वाली साइकिलों में ग्राहकों की सुविधा के लिए जीपीएस सिस्टम के साथ ही अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं।