समय के साथ धीमी होने लगी जनता रसोई की आंच

Apr 28 2020

ग्वालियर। देश भर में लॉकडाउन का ऐलान किए जाने के बाद ग्वालियर में जगह-जगह शुरु की गईं जनता की रसोई की आंच समय के साथ धीमी पडऩे लगी है। गरीबों और असहाय लोगों का पेट भरने के लिए शुरु की गईं इन रसोई को एक माह से अधिक का समय हो गया है और अब यह धीरे-धीरे आर्थिक संकट में घिरती जा रही हैं। इन्हें जितना आटा-दाल-आलू-मसाले दान में मिल रहे थे, वह भी काफी कम हो गया है। ऐसी रसोई चलाने वाले को ऐसे में लगने लगा है कि यदि लॉकडाउन लंबा खिंचा तो रसोई को खींच पाना काफी मेहनत भरा काम हो जाएगा।               पूड़ी के बजाय पोहा 
एक लाख पैकेट का लक्ष्य: क्लब
अग्रवाल युवक-युवती परिचय स मेलन द्वारा हर रोज 400 से 500 पैकेट का भोजन और चाय का वितरण किया जा रहा था लेकिन लॉकडाउन लंबा होते ही मदद करने वाले अग्रवाल समाज के लोगों ने हाथ खींचना शुरु दिया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश ऐरन अब अपने स्तर पर हर रोज पोहा, सेंडविच, खिचड़ी और चाय का वितरण कर रहे हैं लेकिन इसका दायरा सीमित कर दिया गया है।                         
यहां बन रहा था खाना
जीवाजी क्लब में रसोई चलते-चलते एक माह हो गया। इसी तरह जीवायएमसी में चल रही रसोई से लॉकडाउन के पहले चरण में 5 हजार भोजन पैकेट प्रतिदिन वितरित किए जाते थे। लेकिन दूसरे चरण में दानदाताओं के हाथ खींचने से अब लगभग 1800 से 2 हजार पैकेट भोजन वितरण किया जा रहा है। इसी तरह शहर के हलवाइयों का संघ अपने स्तर पर रसोई चला रहा था और लॉकडाउन में लोगों को भोजन के पैकेट वितरित कर रहा था। यहां भी भोजन के पैकेट की सं या कम हो गई है। श्री शनि सेवा समिति द्वारा लॉकडाउन के दौरान भोजन वितरण 27 मार्च से शुरु किया गया था। शनिसेवा समिति के कोषाध्यक्ष रमेश पटेल, उपाध्यक्ष राजू शिवहरे, ओमप्रकाश कुशवाह का कहना है कि हर रोज 500 से 700 पैकेट भोजन के गरीब व असहायों में वितरित किए जा रहे हैं। पटेल का कहना है कि उनकी रसोई पहले की तरह ही चल रही है और अगर लॉकडाउन सालभर तक चला तो भी कोई कमी नहीं आएगी।           
जीवाजी क्लब की रसोई अभी चल रही है और क्लब के अध्यक्ष संग्राम कदम व सचिव तरुण गोयल कहते हैं तीन मई तक हमारी रसोई चलेगी और इस दौरान हम एक लाख पैकेट वितरण के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। अभी क्लब अस्सी हजार से अधिक फूड पैकेट का वितरण कर चुका है और लॉकडाउन का दूसरा चरण खत्म होने में अभी पांच दिन का समय शेष है। क्लब के सचिव तरुण गोयल कहते हैं कि जल्द ही हमारी टीम इस बारे में फैसला लेगी कि एक लाख पैकेट का लक्ष्य हासिल करने के बाद क्या किया जाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी टीम के साथ मंथन करने के बाद लिया जाएगा।