40 दिन में 20 लाख लीटर सेनेटाइजर शहर में छिड़क चुका है निगम

Apr 28 2020

ग्वालियर। शहर को कोरोना मुक्त बनाने पुलिस, डॉक्टर, प्रशासन के साथ-साथ नगर निगम भी डटा हुआ है। 40 दिन में नगर निगम द्वारा 20 लाख लीटर के लगभग सेनेटाइजर शहर व देहात में छिड़का जा चुका है। 20 मार्च से लेकर 28 अप्रैल के बीच सैैकड़ों के तादाद में निगम कर्मचारी सिर्फ इसी काम मे जुटे हुए हैं। यही कारण है कि आज ग्वालियर में कोरोना महामारी फैलने की स्थिति प्रदेश के अन्य महानगरों की तुलना में काफी संतोषजनक है। 
20 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा जनता क र्यू की घोषणा के साथ ही नगर निगम ने अपना काम शुरू कर दिया है। फिर लॉकडाउन पार्ट-1 और अब पार्ट-2 में कोरोना के खिलाफ निगम की जंग जारी है। पार्ट 2 के करीब 13 दिन गुजर चुके हैं और निगम अमला लगातार शहर को सुरक्षित रखने के लिए अपने काम में जुटा हुआ है, जिससे शहर के हालात लगभग काबू में हैं।
नगर निगम इस समय जिस सेनेटाइजर का छिड़काव कर रही है वो 2 महत्वपूर्ण लिक्विड से बनता है। सेनेटाइजर बनाने के लिए 1 लीटर सोडियम हाइड्रोक्लोराइड में 9 लीटर पानी मिलाया जाता है। उसके बाद ये तरल छिड़काव के लायक बन जाता है। दोनों तरल पदार्थ की मात्रा कम ज्यादा होने पर सेनेटाइजर का प्रभाव कम ज्यादा हो सकता है।
नगर निगम अफसरों का दावा है कि वो पूरे शहर में एक से दो बार सेनेटाइजर कर चुके हैं। साथ ही संवेदनशील इलाकों जैसे हॉट स्पॉट, क्वारेंटाइन एरिया में 2 से 3 बार सेनेटाइजेशन कर चुके हैं और जहां पर भी मांग की जाती है स्थिति की गंभीरता वाले इलाकों में कई बार सेनेटाइजेशन कराया जा चुका है। 
सोडियम हाइड्रो क्लोराइड का पानी के साथ मिलाकर छिड़काव से वहां सतह पर मौजूद कोरोना वायरस निष्किय हो जाता है। करीब 30 से 40 मिनट तक इसका असर रहता है। यदि इसके बाद फिर किसी माध्यम से कोरोना वायरस वहां एक्टिव हो जाये तो फिर छिड़काव करना पड़ेगा।
नगर निगम अमले का प्रतिदिन टारगेट रहता है कि 500 से हजार घरों  को सेनेटाइजर किया जा सके। शहर के घने इलाकों, बाजरों को निगम के छोटे वाहन द्वारा सेनेटाइजर किया जा रहा है। जबकि शहर के पॉश इलाकों में बड़ी-बड़ी मल्टियों में फायर ब्रिगेट के माध्यम से सेनेटाइजर का छिड़काव किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए नगर निगम अमला सेनेटाइजर तो कर ही रहा है, साथ ही अस्पताल तथा क्वारेंटाइन सेंटर से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के साथ ही दिन में दो से तीन बार कचरा भी समेट रहा है, जिससे इनकी चपेट में आने से कोई संक्रमित ना होने पाए। 
शहर को सेनेटाइज करने के लिए निगम के करीब तीन से चार सैकड़ा कर्मचारी इस काम में लगे हुए हैं। इनकी जि मेदारी है कि रोजाना चिह्नित के साथ ही उन बाजारों में और घरों में सेनेटाइजेशन करें, जहां पर कोरोना संक्रमण फैलने के ज्यादा आसार हैं।