प्रशासन द्वारा दी गई राहत शहरवासियों के लिए आफत न बन जाए

Apr 27 2020

ग्वालियर। लॉकडाउन के दौरान सब्जी के लिए शहरवासियों को तरसना न पड़े, इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर के कई प्वाइंटों पर सब्जी मंडियां बनाई हैं और इन मंडियों में थोक कारोबारियों को परमिशन देते हुए कहा है कि वह खेरिज में अपना कारोबार नहीं करेंगे, लेकिन शहर में संचालित होने वाली यह सब्जी मंडियां थोक के बजाए खेरिज में तब्दील हो गई हैं और इसका मुनाफा मंडी कमेटी के अधिकारियों के साथ-साथ कुछ आढतिया भी उठा रहे हैं। प्रशासन द्वारा दी गई राहत शहरवासियों के लिए आफत न बन जाए इसे लेकर कई लोगों में भय बना हुआ है। लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी सब्जी के लिए हो रही थी, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मंडी कमेटी के अधिकारियों से मंथन करने के बाद 10 प्वाइंटों पर सब्जी मंडी बनाई और इन मंडियों में 5 से 6 आढतियों को आलू, प्याज, टमाटर और हरी सब्जियां बेचने के लिए कहा गया था, साथ ही कहा गया है कि वह खेरिज में सब्जी नहीं बेचेंगे, लेकिन शहर की अधिकांश सब्जी मंडियों में सबसे ज्यादा खेरिज का कारोबार हो रहा है और सस्ती सब्जी की चाह में यहां खरीदारी करने के लिए लोग भौर होते ही थैला लेकर पहुंच रहे हैं। गोरखी परिसर में लगने वाली सब्जी मंडी में 5 आढतियों के लिए जगह निर्धारित की गई है लेकिन इस मंडी में लगभग 72 से ज्यादा दुकानें लगी हुई हैं और थोक कारोबार की जगह आधा किलो और एक किलो सब्जी बेच रहे हैं। गोरखी परिसर सब्जी मंडी में सुबह आलम यह था कि सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी हुई थी और सब्जी की खरीदारी हाथ ठेले वाले और खेरिज ग्राहक कर रहे थे, लेकिन शारीरिक दूरी बनाने की किसी को भी चिंता नहीं थी। यहां तक कि यहां मौजूद पुलिसकर्मी भी शारीरिक दूरी बनवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।