गोपाल किरन समाज सेवी संस्था द्वारा की जायेगी आपदा राहत कोष की स्थापना

Apr 27 2020

ग्वालियर। "दूसरों की ख़ुशी में जो अपनी ख़ुशी देखे वो कभी भी दुखी नही होता"। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा आपदाकोष की स्थापना की जायेगी जिसका मकसद जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर सहायता देना होगा। 
कोरोना वायरस से बचाव हेतू स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते  हुए संस्था  द्वारा  कोविड-19 के खिलाफ जन-जन को जागरूक करने का कार्य देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही  किया जा रहा है।  कोरोना वायरस महामारी का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसका असर लगातार देखने को मिल रहा है। संस्था की सचिव जहाँआरा ने बताया कि, दिन और रात की परवाह किये बिना कोरोना के योद्धा हर मोर्चे पर डटे हुये हैं। वे लोगों को सोशल डिस्टेंस में रहने के साथ-साथ चेहरे को ढंकने और मास्क कि जरूरत और फायदे के बारे में बता रहे हैं और मास्क का वितरण कर रहे हैं, इसके साथ ही सैनीटाईजर के उपयोग करने और साबुन से हाथ धोने के बारे में भी बता रहे हैं। 
श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने बताया कि, संस्था द्वारा जन जागरूकता करने के साथ-साथ मास्क वितरण भी किए जा रहें हैं, वर्तमान समय तक संस्था द्वारा पाँच सौ  लोगों को मास्क वितरण के साथ ही पन्द्रह हजार लोगों को जागरूक करने का काम किया गया है और ये कार्य निरंतर किया जा रहा है, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन एवं लॉकडाउन के नियमों का पालन हर एक व्यक्ति को करना होगा तभी हम सब अपने देश को इस महामारी से बचा पाएंगे।
बच्चों को कोविड-19 से बचने के लिए  मास्क बांटे और वायरस से बचने के लिए हाथ धोना सफाई से रहना मुंह पर मास्क लगाना घर में रहना आदि समझाइश दी। वैश्विक महामारी कोरोना आपदा के संकट कारण लगे दूसरे चरण के में  लॉक डाउन के भी  सतत सेवा कार्य जारी रहा। गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ग्वालियर, द्वारा टीम  के  माध्यम से गरीब, निर्धन, विकलांगों, विधवा, असहाय की भूख की पीड़ा को दूर करने के प्रयास निरंतर जारी है। लॉक डाउन  चरण में प्रतिदिन तीन सौ लोगों के लिए खाने के पैकेट कुछ ज़रूरतमंद लोगों के लिए  सब्जिय़ाँ, मसाले, दूध, दाल और सूखा राशन, वितरण के साथ साथ गैस भराने के लिये आर्थिक सहयोग भी दिया जा रहा है। 
भोजन के पैकेट वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाए और भोजन वितरण से पहले लोगो के हाथो को लोगों के हाथों को सैनिटाइजर से साफ कराया जाता है उसके बाद भोजन   वितरण किया जाता है।
लॉकडाउन मे कोई भूखा नही रहे इसे ध्यान मे रखते हुए संस्था द्वारा बच्चों के परिवारों के लिये "कोई भी भूखा न सोये" अभियान चलाया गया है जिसमें नियमित रूप से जरूरतमंद परिवारों को चिन्हित कर राशन के किट वितरित किये जा रहे है, (राशन किट में पांच किलो आटा, एक किलो दाल, एक लीटर तेल, चावल, नमक, मिर्च, हल्दी, टूथपेस्ट, साबुन, हैंडवाश, वाशिंग पॉवडर, फेशमास्क, हैंड ग्लव्स आदि शामिल हैं) साथ ही बच्चों के लिए दूध उपलब्ध कराया जा रहा है, संस्था द्वारा बस्तियों में बीमार व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, एवं जरूरत पडऩे पर गर्भवती और गंभीर बीमार व्यक्तियों को अस्पताल भी पहुचाया जा रहा है।