एमके टाउनशिप में लगी आग, बड़ा हादसा टला

Apr 24 2020

ग्वालियर। सिरोल थाना क्षेत्र स्थित एमके टाउनशिप के एफ टॉवर के बेसमेंट में आज शुक्रवार तड़के आग भड़कने से टॉवर में रहने वाले अस्सी परिवारों में भगदड़ मच गई। बेसमेंट में लगी आग से इतना धुआं निकला कि पूरी इमारत में भर गया। ऐसे में लि ट बंद हो गई तो जान संकट में फंसी देख कुछ लोगों ने नीचे कूदना शुरु कर दिया तो कुछ चादरों की रस्सी बनाकर नीचे उतरे। खबर मिलते ही दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा और हाइड्रोलिक जैक की मदद से ऊपर की मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। आग से बचने के प्रयास में दो लोग झुलस भी गए। इन्हें अस्तपाल में भर्ती कराया गया है।
मुकुंद कृष्णा अपार्टमेंट में रात तीन बजे आग लगी। बेसमेंट में काफी मात्रा में बिल्डिंग मेटेरियल भरा हुआ था। देखते ही देखते यह धू-धूकर जलने लगा। जिस अपार्टमेंट के बेसमेंट में आग लगी, वह दस मंजिला है और हर मंजिल पर आठ लैट्स हैं। टॉवर में कुल अस्सी लैट हैं और जब पूरी इमारत में धुआं भर गया तो लोगों को घुटन महसूस होने लगी और लोग अपने स्तर पर जान बचाने की कोशिश में जुट गए। इस कोशिश में डॉली गुप्ता और ओपी गुप्ता झुलस भी गए। यह चौथे माले पर रहते थे।                            
बेसमेंट की आग से इमारत में तापमान इतना बढ़ गया था कि लैट नंबर 104 का पूरा सामान पिघल गया। इसमें सारे इलेक्ट्रानिक उपकरण भी शामिल हैं। आग लगने की वजह अभी साफ नहीं है। कोई शार्ट सर्किट वजह बता रहा है तो किसी ने कहा कि आग बेसमेंट में रहने वाले मजदूरों की लापरवाही से भड़की।                            
जान बचाने की कोशिश
इस टॉवर के चौथे माले में रहने वाले डॉली गुप्ता और ओपी गुप्ता पूरी इमारत में भर गए धुएं से इतने घबरा गए कि चौथी मंजिल के चादरों की मदद से नीचे उतरे। इस कोशिश में डॉली गुप्ता चोटिल हो गईं और ओपी गुप्ता झुलस भी गए। इन्होंने कहा कि इमारत में धुआं दमघोंटू हो गया था। ऐसे में उन्हें जो रास्ता नजर आया, उससे वे जान बचाने में जुट गए। इस परिवार ने कहा कि इमारत में जब धुआं भरना शुरु हुआ तब वे गहरी नींद में डूबे हुए थे और उनकी नींद तब टूटी जब आग-आग का हल्ला मचने लगा और पूरी इमारत में धुएं का गुबार तेजी से फैलने लगा। इसके बाद ही पूरी इमारत में भगदड़ मच गई। बच्चे चिल्ला रहे थे। बुजुर्ग असहाय थे और युवा यहां वहां भागते हुए रास्ता तलाश रहे थे। सीढिय़ों से उतरना संभव नहीं था क्योंकि पूरी गैलरी धुएं से भरी थी। 
भगवान का शुक्र है बच गई जान
भगवान का शुक्र है कि समय पर बहु की नींद खुली और उसने जब धुआं देखा तो सभी को जगाया। बाहर आकर देखा तो चारों ओर धुआं ही धुआं था, तत्काल आसपड़ोस के लोगों को भी जगाना शुरू कर दिया। यह कहना था बीके भट्टाचार्य का। इस परिवार को फायर ब्रिगेड ने सुरक्षित बाहर निकाला। रचना भदौरिया का कहना है कि वह लेट नंबर 705 में रहती हैं और सुबह 3.20 बजे के करीब एसी बंद हुआ तो उन्हें लगा खराब हो गया है। शोर सुना तो दहशत में आ गए। मल्टी में चारों ओर धुआं ही धुआं था और बाहर निकलने का कहीं रास्ता नहीं मिल रहा था। कुछ लोगों ने चादर बांधकर नीचे उतारा तब कहीं जान में जान आई है। रिचा गुप्ता का कहना है कि वह लेट नंबर 104 में रहती हैं, जैसे ही उन्होंने शोर सुना तो बाहर आईं लेकिन सीढिय़ां गर्म थीं और टाइल्सें चटक रही थीं, जिससे वह वापस लेट में जाकर भगवान का स्मरण करती रहीं, इस बीच फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला।                           
दमकल ने निकाले बुजुर्ग, बच्चे
10 मंजिली इमारत में कई परिवार फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने में दमकल विभाग को भी अच्छी खासी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने हाईड्रोलिक फायर ब्रिगेड की मदद से सबसे पहले मासूम बच्चे और बुजुर्ग, व महिलाओं को बाहर निकाला। फायर ब्रिगेड के सहायक फायर ऑफिसर देवेंद्र जखेनिया ने बताया कि हाइड्रोलिक फायर ब्रिगेड से 22 परिवार को सुरक्षित निकाला गया है, जिसमें 5 साल के बच्चे से लेकर 80 साल तक के वृद्ध शामिल हैं।